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फुल बेंच के गठन के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो वरिेष्ठ जजों ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ जिस तरह से तमाम विपक्षी दल महाभियोग प्रस्ताव लेकर आए और उसे राज्यसभा के चेयरमैन ने खारिज कर दिया है। उसके बाद विपक्ष चेयरमैन के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ जज जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस मदन लोकुर ने सीजेआई को एक पत्र लिखकर कहा है कि संस्थागत मामले की सुनवाई के लिए फुल बेंच का गठन किया जाए।

dipak misra

चीफ जस्टिस को लिखे अपने पत्र में दोनों जजों ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के संस्थागत मामले के सुनवाई और भविष्य पर चर्चा के लिए सुप्रीम कोर्ट की फुल बेंच का गठन किया जाए। आपको बता दें कि दोनों जज कॉलेजियम के भी सदस्य हैं। हालांकि चीफ जस्टिस ने अभी तक इस पत्र का जवाब नहीं दिया है। दोनों जजों ने यह पत्र रविवार को सीजेआई को लिखा था। अभी तक इस पूरे विवाद पर कुछ भी बोलने से सीजेआई कतराते रहे हैं और चुप्पी साध रखे हैं।

साधारण तौर पर सुप्रीम कोर्ट की फुल बेंच का गठन जनहित से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए किया जाता है। लेकिन इस बार दोनों वरिष्ठ जजों ने संस्थागत मामलों से जुड़े विवाद की सुनवाई के लिए फुल बेंच का गठन किए जाने की मांग की है। इससे पहले 21 मार्च को जस्टिस चेलमेश्वर ने सीजेआई को पत्र लिखकर कहा था कि जजों की नियुक्ति के मामले में सरकार के हस्तक्षेप को लेकर फुल बेंच का गठन किया जाए, जहां इस मामले पर सुनवाई की जाए।

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English summary
Two senior judges wrote to CJI Dipak Misra to form full bench. Both judges wants the institutional issue to be heard by the bench.
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