Twisha Sharma का मौत के 12 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से भाई मेजर हर्षित ने दी मुखाग्नि
Twisha Sharma: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा केस ने पूरे भारत को हिलाकर रख दिया है, मौत के 12 दिन बाद आज ट्विशा का अंतिम संस्कार भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर किया गया, भाई मेजर हर्षित ने नम आंखों से अपनी बहन को मुखाग्नि दी, जिस वक्त ट्विशा की चिता में आग लगाई गई, वो वक्त बेहद ही भावुक था, परिवार का हर सदस्य गमगीन नजर आया।
आपको बता दें कि अंतिम संस्कार से पहले रविवार को जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर भोपाल एम्स में ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद ट्विशा के परिवार वालों को उम्मीद है कि अब उन्हें और उनकी बेटी को न्याय मिलेगा, रविवार सुबह ट्विशा की पूरी फैमिली भोपाल एम्स पहुंचीं और उनकी ओर से शव की पहचान करने के बाद से ही दोबारा पोस्टमार्टम किया गया।

ट्विशा के मां-बाप को उम्मीद है कि दूसरी ऑटोप्सी से मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। मालूम हो कि दिल्ली एम्स की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम अत्याधुनिक उपकरणों के साथ भोपाल पहुंची थी। पोस्टमार्टम खत्म होने के बाद ट्विशा शर्मा का शव अंतिम संस्कार के लिए उनके परिवार को सौंप दिया गया था।
'पहले सोचा था ट्विशा का अंतिम संस्कार दिल्ली में हो'
इसी बीच ट्विशा के कजिन आशीष शर्मा ने ANI को बताया था कि 'हम दिल्ली में अंतिम संस्कार करना चाहते थे लेकिन मुझे लगता है कि इस भीषण गर्मी में इतनी दूर तक सफ़र करना शायद व्यावहारिक नहीं है।मेडिकल कारणों से, भोपाल में ही ट्विशा का अंतिम संस्कार करने का फ़ैसला लिया गया है।'
'ईमानदारी और सच्चाई का साथ देना चाहिए था'
आशीष शर्मा ने कहा कि 'इस पूरी घटना के लिए ट्विशा के ससुरालवाले ज़िम्मेदार हैं, अगर वे ईमानदारी और सच्चाई के साथ सामने आते हैं, तो उन्हें अपने तथ्य साफ़-साफ़ बताने चाहिए। क्योंकि अब तो किसी भी तरह से इसकी भरपाई नहीं की जा सकती है, मेरी बहन तो इस दुनिया से चली गई लेकिन दोषियों को सजा जरूर मिलनी चाहिए।'

'न्यायपालिका का सक्रिय होना एक सकारात्मक संकेत'
'पहले पोस्टमॉर्टम में कई कमियां थीं और हमें दूसरे पोस्टमॉर्टम से बहुत उम्मीद है कि इससे उन बातों पर स्पष्टता आएगी जो पहले वाले में नहीं थीं, न्यायपालिका का सक्रिय होना एक सकारात्मक संकेत है, अब जब सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले लिया है, तो निश्चित रूप से कुछ न कुछ किया जाएगा।'
ट्विशा शर्मा का जबरन गर्भपात कराया गया था
बता दें कि ट्विशा शर्मा का शव 12 मई को उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था, शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण आत्महत्या बताया गया था लेकिन ट्विशा के परिजनों ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया। परिवार का आरोप है कि 'ट्विशा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, उससे दहेज की मांग की जा रही थी, उसका जबरन गर्भपात कराया गया था इसलिए उसकी मौत सामान्य नहीं है।'

ट्विशा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से गुजर रही थी!
परिजनों ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां, पूर्व जज गिरिबाला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि 'ट्विशा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से गुजर रही थी।'यही वजह रही कि परिवार ने अंतिम संस्कार तक रोक दिया और कोर्ट में दूसरी जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए री-पोस्टमार्टम के आदेश दिए थे।

ट्विशा शर्मा मामले की होगी सीबीआई जांच
इस बीच, ट्विशा के पति समर्थ सिंह 7 दिनों की रिमांड पर हैं और पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मामले में सीबीआई जांच का निर्णय लिए जाने के बाद परिवार ने उनका आभार व्यक्त किया है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने ट्विशा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश की है।












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