खालिस्तानी संगठन SFJ की खटिया खड़ी करेगा अमेरिका? राजनाथ सिंह ने जानें गबार्ड से क्या-क्या कहा?
Tulsi Gabbard Rajnath Singh Meeting: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मुलाकात कर खालिस्तानी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) की भारत विरोधी गतिविधियों पर चिंता जताई। उन्होंने गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) की अध्यक्षता वाले इस प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई, क्योंकि नवंबर 2023 में अमेरिकी अधिकारियों ने SFJ प्रमुख पन्नू की हत्या की साजिश का पर्दाफाश करने का दावा किया था। अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया था कि एक भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने इस साजिश में भूमिका निभाई थी। हालांकि, भारत सरकार ने इस मामले में किसी भी संलिप्तता से इनकार किया और उच्च-स्तरीय जांच शुरू की।

पन्नू और SFJ पर भारत की स्थिति
गुरपतवंत सिंह पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की नागरिकता है, लेकिन भारत में वह आतंकवाद के आरोपों में वांछित है। भारतीय कानून UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत आतंकवादी घोषित पन्नू, SFJ के जरिए खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को बढ़ावा देता है। भारत लंबे समय से अमेरिका और कनाडा से SFJ पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहा है।
तुलसी गबार्ड की भारत यात्रा
अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड 16 मार्च को भारत पहुंचीं और उनकी यह यात्रा करीब ढाई दिन की होगी। यह डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के किसी शीर्ष अधिकारी की पहली उच्चस्तरीय भारत यात्रा है। इस दौरान उन्होंने राजनाथ सिंह से भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से भी मुलाकात की, जिसमें खुफिया जानकारी साझा करने और सुरक्षा साझेदारी पर बातचीत हुई। वैश्विक खुफिया विशेषज्ञों के सम्मेलन में भाग लिया।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
राजनाथ सिंह और गबार्ड ने रक्षा नवाचार, सूचना साझाकरण और तकनीकी सहयोग पर बातचीत की। इसके अलावा, रक्षा औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और इंटरऑपरेबिलिटी (सामरिक सहयोग) बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
गबार्ड की बहु-देशीय यात्रा
तुलसी गबार्ड भारत के बाद जापान, थाईलैंड और फ्रांस की यात्रा पर जाएंगी। हाल ही में उन्होंने वाशिंगटन डीसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी।
भारत सरकार लगातार खालिस्तानी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है। राजनाथ सिंह की अमेरिकी खुफिया प्रमुख से बातचीत, SFJ पर भारत की गंभीरता को दर्शाती है। अब देखने वाली बात होगी कि अमेरिका इस पर क्या कदम उठाता है।












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