ट्रोल किए जाने पर बोले गौतम गंभीर, सत्य बोलना आसान है

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में कुछ युवकों द्वारा एक मुस्लिम युवक के साथ मारपीट के खिलाफ भाजपा के नवनिर्वाचित सांसद गौतम गंभीर ने निशाना साधा है, मुस्लिम युवक के साथ टोपी पहनने पर मारपीट की गई, और उससे जबरन 'जय श्रीराम' के नारे लगवाने के लिए दबाव बनाया गया, जिसके बाद गौतम गंभीर ने मामले पर खेद प्रकट करते हुए ट्वीट किया था कि गुरुग्राम में मुस्लिम युवक से टोपी उतारने और जय श्रीराम बोलने के लिए कहा गया, ये निंदनीय है। गुरुग्राम प्रशासन की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाए। हम एक धर्म निरपेक्ष देश हैं, जहां जावेद अख्तर 'ओ पालन हारे' लिखते हैं और राकेश ओम प्रकाश मेहरा दिल्ली-6 में अर्जियां।'

सत्य बोलना आसान है-गौतम गंभीर

सत्य बोलना आसान है-गौतम गंभीर

लेकिन गंभीर का ये ट्वीट उनके लिए ही मुसीबत बन गया, वो अपने ही नेताओं औऱ ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए, कुछ लोगों ने उन पर सिलेक्टिव होने का आरोप लगाया तो कुछ लोगों ने उनके ही आरोपों को बीजेपी के खिलाफ यूज करने की कोशिश की, जिसके बाद इंडियन एक्स्प्रेस से बात करते हुए गंभीर ने कहा कि वो आलोचकों और ट्रोलर्स से परेशान नहीं होते हैं और उन्होंने कुछ गलत नहीं बोला है, एक खिलाड़ी होने के नाते मुझे आलोचनाओं की आदत है और ना मैं इससे घबराता हूं, मैं हमेशा की तरह काले और सफेद रंग में ही रहना पसंद करूंगा, मुझे कभी ग्रे रंग पसंद नहीं रहा, मेरी आलमारी में भी कभी आपको ग्रे रंग नहीं मिलेगा, मेरे लिए झूठ छिपाने की जगह सच बोलना आसान है और मैं ऐसा बार-बार करने को तैयार हूं।

अपनों के ही निशाने पर आ गए गौतम गंभीर

अपनों के ही निशाने पर आ गए गौतम गंभीर

आपको बता दें कि गौतम गंभीर की आलोचना भाजपा नेताओं ने भी की है, भाजपा नेता मनोज तिवारी ने भी गंभीर के बयान पर कहा कि उनका बयान बेहद मासूमियत भरा है, वो अब क्रिकेटर नहीं हैं, उन्हें इस बात का एहसास होना चाहिए कि उनके शब्द और काम को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाएगा।

हरियाणा की घटना पर पर बोलने की क्या जरूरत है: गंभीर

इस तरह की घटना किसी को भी अच्छी नहीं लगती है, लेकिन हरियाणा में इस तरह की घटना पर पर बोलने की क्या जरूरत है जिसे विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ हरियाणा के चुनाव में इस्तेमाल कर सकते हैं।

गौतम गंभीर ने किया ये ट्वीट

जिन ट्रोलर्स ने गंभीर पर सिलेक्टिव होने का आरोप लगाया था उनको जवाब देते हुए गंभीर ने ट्वीट किया कि धर्मनिरपेक्षता पर यह विचार प्रधानमंत्री मोदी के मंत्र-सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास से निकला है, मैं खुद को गुरूग्राम मामले तक नहीं रोकूंगा, जाति या धर्म के नाम पर कोई भी उत्पीड़न दुखद है, सहिष्णुता और समावेश पर पूरा भारत की विचारधार पर आधारित है।

क्या है पूरा मामला

गुरुग्राम में पारंपरिक टोपी पहनने के लिये 25 वर्षीय मुस्लिम युवक की चार अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर पिटाई की थी, पीड़ित की पहचान मोहम्मद बरकर आलम के तौर पर हुई है. मूलत: बिहार का रहने वाला आलम यहां के जैकब पुरा इलाके में रहता है, पुलिस में दी गयी शिकायत में आलम ने आरोप लगाया कि सदर बाजार मार्ग पर चार अज्ञात लोगों ने उसे रोका और पारंपरिक टोपी पहनने पर आपत्ति जताई और धमकी दी और कहा कि इस इलाके में इस तरह की टोपी पहनने की इजाजत नहीं, यही नहीं आलम ने कहा कि उन लोगों ने मेरी टोपी हटा दी और मुझे थप्पड़ मारे साथ ही उन्होंने भारत माता की जय का नारा लगाने को भी कहा।

 'जय श्रीराम' का नारा नहीं लगाने पर युवक को पीटा

'जय श्रीराम' का नारा नहीं लगाने पर युवक को पीटा

जब मैंने उनकी बात मानी तो उन्होंने उसके बाद मुझे 'जय श्रीराम' का उद्घोष करने के लिये कहा, जिसे करने से मैंने इनकार कर दिया, इस पर एक युवक ने सड़क किनारे पड़ी लाठी उठायी और बेरहमी से मुझे पीटना शुरू कर दिया।

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