त्रिपुरा में मतदान कल, 25 साल के वाम मोर्चे को बीजेपी की कड़ी चुनौती
अगरतला। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए 18 फरवरी यानी कल मतदान होना है। पूर्वोत्तर के इस राज्य में पिछले 25 साल से वाम मोर्चे की सरकार है। यहां कांग्रेस भी काफी मजबूत रही है, लेकिन इस बार के चुनाव में सत्ताधारी लेफ्ट फ्रंट को सीधी चुनौती बीजेपी से मिल रही है। रविवार को त्रिपुरा की 60 में से 59 सीटों पर वोट डाले गए जाएंगे। सीपीआई-एम के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देब बर्मा के निधन के चलते एक सीट पर मतदान 12 मार्च तक नहीं होगा।

सीएम माणिक सरकार ने खुद माना बीजेपी से होगा सीधा मुकाबला
त्रिपुरा में अब तक मुख्य मुकाबला सीपीआई-एम और कांग्रेस के बीच होता आया है। लेकिन इस बार राज्य के सीएम माणिक सरकार ने खुद माना है कि लेफ्ट फ्रंट का मुकाबला बीजेपी है। दूसरी ओर बीजेपी ने त्रिपुरा में कमल खिलाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। पीएम नरेंद्र मोदी खुद त्रिपुरा के दौरे पर गए और पार्टी के लिए जमकर प्रचार किया। उनके अलावा कई केंद्रीय मंत्री, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और 100 से ज्यादा सांसदों और विधायकों ने त्रिपुरा में रैलियां की।
आईपीएफटी के साथ किया है बीजेपी ने गठबंधन
बीजेपी ने यहां लेफ्ट फ्रंट को टक्कर देने के लिए इंडिजीनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी राज्य की 60 में से 51 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि सहयोगी दल आईपीएफटी नौ सीटों पर दांव आजमा रही है।

बीजेपी ने हेमंत बिश्व शर्मा को सौंपी प्रचार की कमान
बीजेपी ने त्रिपुरा में चुनाव प्रचार की कमान असम के मंत्री और नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (नेडा) के संयोजक हेमंत बिश्व शर्मा को सौंपी। वह मणिपुर और असम विधानसभा चुनावों में भी पार्टी के लिए अहम भूमिका निभा चुके हैं।
त्रिपुरा में 20 सीटें एसटी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के नतीजे किस तरफ जाएंगे, यह बात उन 20 सीटों के नतीजों पर निर्भर करेगी, जो एसटी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई हैं। छोटे से त्रिपुरा में अकेले पीएम मोदी ने चार रैलियां कीं। उनके अलावा राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी और योगी आदित्यनाथ जैसे नेता भी त्रिपुरा में प्रचार करने के लिए गए।

कितनी सीटों पर कौन लड़ रहा है?
त्रिपुरा में सत्तारूढ़ लेफ्ट फ्रंट की बात करें तो सबसे बड़ी पार्टी सीपीआई-एम राज्य की 60 में से 57 सीटों पर लड़ रही है, जबकि अन्य वामपंथी दल- आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक और सीपीआई 1-1 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी की बात करें तो वह 51 सीटों पर लड़ रही है, जबकि 9 सीटें उसने अपने सहयोगी दल को दी है। तीसरी सबसे पार्टी कांग्रेस अकेले ही मैदान में उतरी है। उसने 59 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
त्रिपुरा में बनाए गए हैं 3,214 मतदान केंद्र
त्रिपुरा में 25,73,413 वोटर हैं। इनमें 13,05,375 पुरुष और 12,68,027 महिला हैं। 2018 विधानसभा चुनाव में 47,803 नए वोट मतदान करेंगे। चुनाव आयोग ने त्रिपुरा में 3,214 मतदान केंद्र बनाए हैं।












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