Toll Plaza Rules 2026: हाईवे पर सफर हुआ तेज! टोल प्लाजा हुआ कैशलेस, जानिए क्या है नया नियम?
Toll Plaza New Rules 2026: देशभर के वाहन चालकों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इसके तहत भारत के सभी टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस हो जाएंगे। नए नियम लागू होने के बाद टोल टैक्स का भुगतान सिर्फ FASTag या UPI डिजिटल पेमेंट के जरिए ही किया जा सकेगा।
1 अप्रैल से हाईवे पर नकद भुगतान की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने आज तक को दिए एक इंटरव्यू में इस नए सिस्टम की जानकारी दी। सरकार ने टोल प्लाजा पर कैश लेनदेन को पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया है।

हालांकि इस फैसले को लेकर अभी आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है। सरकार के इस फैसले से आपका सफर कैसे आसान बनेगा, क्या है फास्टैग पेमेंट और नया नियम कैसे करेगा काम विस्तार से जानिए...
Cashless Toll Plaza से भारी ट्रैफिक से मिलेगी निजाच
सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना और यात्रियों को बिना रुकावट सफर की सुविधा देना है। अभी FASTag अनिवार्य होने के बावजूद कई टोल प्लाजा पर कैश लेनदेन होता है, जिसकी वजह से वाहनों को रुकना पड़ता है और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।
कैशलेस सिस्टम लागू होने के बाद गाड़ियों को टोल बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे हाईवे पर ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा और यात्रियों का समय बचेगा। मंत्रालय के मुताबिक, 'नो-स्टॉप टोलिंग सिस्टम' का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल देश के 25 टोल प्लाजा पर चल रहा है। यहां FASTag और डिजिटल भुगतान के जरिए बिना रुके टोल कलेक्शन की प्रक्रिया को टेस्ट किया जा रहा है। इसके सफल होने के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
FASTag से टोल भुगतान कैसे होता है?
FASTag आधारित टोल भुगतान प्रक्रिया पढ़ने में भले ही लंबी लगे, लेकिन असल में यह महज 1 से 5 सेकेंड में पूरी हो जाती है। जब वाहन टोल लेन से गुजरता है तो टोल प्लाजा पर लगा स्कैनर FASTag को पढ़ता है और FASTag से जुड़ा बैंक नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) सिस्टम को जानकारी भेजता है।
इसके बाद NETC टैग की पुष्टि करता है और बैंक खाते से टोल राशि अपने आप कट जाती है। पेमेंट सफल होने के बाद टोल प्लाजा सिस्टम को मिलते ही वाहन आगे बढ़ जाता है।
इस डिजिटल बदलाव का क्या होगा असर?
सरकार इस डिजिटल बदलाव के जरिए सिर्फ सुविधा ही नहीं, बल्कि कई बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहती है। दरअसल, टोल प्लाजा पर बार-बार रुकने और चलने से पेट्रोल-डीजल की भारी बर्बादी होती है। बिना रुके टोल कटने से फ्यूल की बचत होगी। डिजिटल भुगतान से हर ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड रहेगा। इससे टोल कलेक्शन में हेराफेरी या गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म होगी।
खुले पैसे, चेंज की बहस और मैनुअल रसीदों में लगने वाला समय बचेगा, जिससे यात्रा और आसान होगी। कैशलेस टोलिंग को सरकार 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला कदम मान रही है। भविष्य में सरकार ऐसी तकनीक लागू करना चाहती है, जिसमें हाईवे पर कोई फिजिकल बैरियर या टोल बूथ नहीं होगा। कैमरा और सेंसर की मदद से गाड़ी चलते-चलते ही टोल कट जाएगा।
वाहन चालकों के लिए क्या है जरूरी सलाह
1 अप्रैल से पहले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि-
- अपने FASTag को एक्टिव रखें
- FASTag अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें
- यदि FASTag नहीं है तो स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा जरूर चालू रखें
नए नियम लागू होने के बाद बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर जुर्माना लग सकता है या वाहन को वापस भी लौटाया जा सकता है। हालांकि इससे जुड़ी विस्तृत गाइडलाइन सरकार की ओर से जल्द जारी की जाएगी। यह कदम देश में डिजिटल इंडिया और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे हाईवे पर सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज, सुरक्षित और आसान हो जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications