'हम संसद में अपने दम पर मुद्दे उठाएंगे...' विपक्ष के मार्च से TMC ने बनाई दूरी, कांग्रेस को लगा झटका
कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों की बैठकों से किनारा कर चुकी TMC ने कहा- संसद में उनकी पार्टी अपने दम पर मुद्दे और एजेंडा उठाएगी

तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस पार्टी से संसद में दूरी बनाए जाने के एक दिन बाद बुधवार को कहा टीएमसी संसद में अपने दम पर मुद्दे और एजेंडा उठाएगी। ये बात बुधवार को टीएमसी लोकसभा नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कही। याद रहे संसद सत्र के दौरान कांग्रेस के नेतृत्व में बुलाई गई विरोधी दलों की बैठक में आज लगातार तीसरे दिन तृणमूल कांग्रेस के सांसद और प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए।

वहीं मंगलवार को भी जिस बैठक में विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने हिस्सा लिया, लेकिन इसमें टीएएसी सांसदों ने हिस्सा नहीं लिया। टीएमसी सांसदों ने विपक्षी पार्टिर्यों से अलग रुख अपनाते हुए अडानी ग्रुप को लेकर संसद के सामने गांधी की मूर्ति के समाने प्रदर्शन किया था।
वहीं आज लगातार तीसरे दिन विपक्ष की बैठक में शामिल नहीं होने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि लोकसभा में वो अपने मुद्दें खुद रखेंगी।
टीएमसी ने पहले दिन उठाया था ये मुद्दा
बता दें सत्र के पहले दिन में टीएमसी पार्टी ने एलपीजी की कीमतों में वृद्धि को लेकर संसद में विरोध किया और आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी पार्टी नहीं चाहती कि लोगों का मुद्दा उठाया जाए और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मौजूदा सत्र में कोई काम नहीं हो रहा है।
भाजपा के खिलाफ कौन से विपक्षी दल हैं साथ?
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के विरोध में कांग्रेस के प्रतिनिधित्व में जो विपक्षी 17 दल के सांसदों ने बैठक में हिस्सा लिया उसमें कांग्रेस, डीएमके, सीपीएम, जेडीयू, आरजेडी, एनसीपी, एसपी, जेडीयू, एसएस (उद्धव), एएपी, सीपीआई, जेएमएम, आईयूएमएल, एमडीएमके एनसी, वीसीके, केसी के सांसद शामिल थे।
ममता बनर्जी ने पहले कांग्रेस और भाजपा को लेकर बोली थी ये बात
बता दें सागरदिघी विधानसभा सीट हारने के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच "दुर्भाग्यपूर्ण सांठगांठ" है। तबी पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने अकेले चुनाव लड़ने की बात भी कही थी हालांकि इसके बाद टीएमसी ने सफाई दी थी कि बंगाल में तृणमूल के किसी अन्य दल से सुलह का सवाल ही नहीं उठता। अगली लोकसभा में तृणमूल न केवल अकेले लड़ेगी और सागरदिघी और मेघालय चुनावों के बाद गैर-कांग्रेसी समान विचारधारा वाले राजनीतिक दल एकजुट होंगे। वहीं सफाई देते हुए एकजुट होने का दावा करने वाली टीएमसी ने सत्र के दौरान कांग्रेस से किनारा कर कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया है।












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