Tirupati Temple: तिरुमाला मंदिर को 'शुद्ध' करने के लिए क्या अनुष्ठान हुए? कैसे स्थापित हुई लड्डू की 'पवित्रता'

Tirumala Tirupati Balaji Temple: आंध्र प्रदेश स्थित पवित्र तिरुमाला तिरुपति मंदिर को शुद्ध करने के लिए तमाम तरह की धार्मिक और वैदिक विधियों का आयोजन किया गया और तब जाकर मंदिर के मुख्य पुजारी ने इसे फिर से पवित्र घोषित कर दिया है। इस मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर को चढ़ने वाले लड्डू प्रसादम में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोप लगे थे, जिसके बाद शुद्धिकरण अनुष्ठान आयोजित करने पड़े।

शुद्धिकरण अनुष्ठान के सफलतापूर्वक संपन्न होने के साथ ही तिरुपति बालाजी मंदिर परिसर पाप के प्रभावों से मुक्त हो चुका है और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ही तिरुमाला स्थित भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर परिसर की पवित्रता फिर से स्थापित हो चुकी है।

tirupati balaji temple

लड्डू प्रसादम और सारे नैवेद्यम सभी तरह के 'दोषों' से मुक्त- TTD
इन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ही तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने सोमवार को घोषणा की है कि अब लड्डू प्रसादम और अन्य सारे नैवेद्यम सभी तरह के 'दोषों' से मुक्त हो चुके हैं।

तिरुपति मंदिर को 'शुद्ध' करने के लिए क्या अनुष्ठान हुए?
तिरुपति मंदिर को शुद्ध करने के लिए सोमवार को सबसे पहले यज्ञशाला में एक 'शांति होम' का आयोजन किया गया। इसके साथ ही तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने लड्डू प्रसादम की पवित्रता बहाल करने के लिए 'वास्तु शुद्धि' और 'कुंभजल संप्रोक्षणम' जैसे अनुष्ठान भी आयोजित किए गए।

आयोजित अनुष्ठानों में 'संकल्प', 'विषवक्षणा आराधना', 'पुण्यहवाछनम','वास्तु होम','कुंभ प्रतिष्ठा' और 'पंचगव्य आराधना' भी शामिल हैं। पूर्णाहुति के बाद 'कुंभ प्रोक्षणा' का आयोजन किया गया और फिर भगवान बालाजी को 'विशेष नैवेद्यम' अर्पित किए गए।

मुख्य पुजारी और धर्म विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि की कि अब लड्डू प्रसादम और नैवेद्यम सभी तरह के 'दोषों' से मुक्त हो चुके हैं।

मंदिर परिसर और मंदिर की रसोई को किया गया 'शुद्ध'
टीटीडी के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जे श्यामला राव और एडिश्नल एग्जीक्यूटिव ऑफिसर वेंकैया चौधरी ने कहा कि मंदिर के पुजारियों ने प्रसादम की 'पवित्रता' बहाल करने के साथ-साथ मंदिर परिसर और मंदिर की रसोई को भी 'शुद्ध' किया गया, जहां लड्डू प्रसादम बनाए जाते हैं।

सब कुछ शुद्ध हो गया है- मुख्य पुजारी
टीटीडी के मुख्य पुजारी ए वेणुगोपाल दीक्षितुलु और सलाहकार मोहन रंगाचार्युलु ने कहा कि 'सब कुछ शुद्ध हो गया है। हम भक्तों से अनुरोध करते हैं कि वे दर्शन करें और प्रसादम अपने घर ले जाएं।'

इस दौरान श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे तिरुमाला मंदिर में वितरित किए जाने वाले तिरुपति लड्डू और अन्य नैवेद्य प्रसादम की गुणवत्ता के बारे में अपनी आशंकाओं और गलत धारणाओं को दूर कर लें।

श्यामला राव ने भरोसा दिया कि अब से प्रसादम की तैयारी में प्रयुक्त होने वाले सामग्री की गुणवत्ता की जांच को अत्यधिक महत्त्व दिया जाएगा।

'क्षमा मंत्रों' के जाप का अनुरोध
टीटीडी की ओर से श्रद्धालुओं से भी यह अपील की गई कि वे 'क्षमा मंत्रों' का जाप करें और शाम के समय दीपाराधना करते समय गोविंदा नामा का पाठ करें।

दरअसल, पिछले हफ्ते आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू ने दावा किया था कि मंदिर की रसोई में लड्डू प्रसादम के लिए इस्तेमाल की जाने वाली घी के कुछ नमूनों में जानवरों की चर्बी मिली है। इसके बाद इस पर बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

इसी वजह से पहले मंदिर और उसकी रसोई को शुद्ध करने के लिए धार्मिक अनुष्ठान किए गए हैं और प्रसादम के लिए मिलावट वाली घी के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।

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