Tihar में अंडर ट्रायल कैदी की 'हत्या' मामले में NHRC ने 4 हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी
NHRC ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से पूछा है, अगर खबरें सच हैं, तो जेल प्रशासन की ओर से घोर लापरवाही हुई है। जेल के कैदियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। नोटिस जारी कर 4 हफ्ते के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

Tihar जेल के अंदर हुई गैंगवॉर में अंडर ट्रायल कैदी की हत्या के बाद नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने दिल्ली के मुख्य सचिव और कारावास के महानिदेशक (DG Prison) को नोटिस भेजा है।
एनएचआरसी ने एक बयान में कहा, मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लेते हुए तिहाड़ जेल में अन्य कैदियों के हमले में एक विचाराधीन कैदी की मौत और एक अन्य के घायल होने के मामले में नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
विस्तृत रिपोर्ट में कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए/प्रस्तावित कदम शामिल होने चाहिए। NHRC ने दो टूक कहा- तिहाड़ जेल के अंदर कैदियों की सुरक्षा ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसक और घातक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कथित तौर पर, हमलावरों ने वार्ड की पहली मंजिल की ग्रिल को काट दिया और अंडर ट्रायल कैदी पर हमला करने के लिए बेडशीट का इस्तेमाल करते हुए ग्राउंड फ्लोर पर कूद गए।
एनएचआरसी ने कहा कि 14 अप्रैल को तिहाड़ जेल में प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच लड़ाई में एक अंडर-ट्रायल कैदी की कथित तौर पर मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए। घटना के बाद अधिकतम सुरक्षा वाली इस जेल को हाई अलर्ट पर रखा गया था।
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तिहाड़ में गैंगवॉर के बारे में समाचार ANI की रिपोर्ट के अनुसार, जेल अधिकारियों के मुताबिक, ताजपुरिया को तिहाड़ के उच्च सुरक्षा वाले वार्ड के भूतल पर रखा गया था और चार कैदियों ने कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी गोगी गिरोह से जुड़े होने पर हमला किया था।
प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों दीपक तीतर, योगेश उर्फ टुंडा, राजेश और रियाज खान ने सुबह करीब 6:15 बजे वार्ड की पहली मंजिल पर लगी लोहे की ग्रिल को आरी से काटकर खोला था।
जेल के एक अधिकारी के अनुसार, आरोपी उसी वार्ड की पहली मंजिल पर बंद थे और उन्होंने ताजपुरिया पर हमला करने के लिए लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया।
कुख्यात टिल्लू गिरोह का मुखिया दिल्ली का रहने वाला ताजपुरिया 2016 में कई अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया था और वह तभी से जेल में था। सितंबर 2021 में रोहिणी कोर्ट शूटआउट मामले में सुनील बालियान उर्फ ताजपुरिया मुख्य आरोपी था, जिसमें उसके दोस्त से गैंगस्टर बने जितेंद्र मान उर्फ गोगी की मौत हो गई थी।
शूटर, ताजपुरिया के कथित सहयोगी, वकील के कपड़े पहनकर आए थे और रोहिणी अदालत में एक अदालत कक्ष के अंदर गोगोई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोनों बंदूकधारियों को पुलिस टीम ने तुरंत मार गिराया।
कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र गोगी के नेतृत्व वाले एक अन्य गिरोह के साथ ताजपुरिया और उसके गिरोह की प्रतिद्वंद्विता 2009 की है जब यह जोड़ी दोस्त थी लेकिन बाहरी दिल्ली में स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज के चुनावों में अलग-अलग उम्मीदवारों का समर्थन करती थी।












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