मोदी ने विदेश मंत्रालय से जोड़ा तीन और मंत्रियों को
नई दिल्ली( विवेक शुक्ला) अब विदेश मंत्रालय के कामकाज से मोदी सरकार के तीन और मंत्रियों को भी जोड़ा जा रहा हैं। ये हैं केन्द्रीय स्किल डवलपमेंट राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूढी, केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और केन्द्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर।
हालांकि इन सबके पास अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारियां हैं, पर मोदी सरकार इनकी सेवाएं आगामी इंडिया-अफ्रीका समिट के लिए भी ले रही हैं। समिट आगामी 29 अक्तूबर से राजधानी में चालू होगा।
बड़ा समिट
इसमें करीब 54 अफ्रीकी देशों के राष्ट्राध्यक्षों या प्रधानमंत्रियों के शिरकत करने की उम्मीद है। इनके अलावा सैकड़ों प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के जानकारों ने बताया कि उक्त तीनों मंत्रियों की ड्यूटी लगाई जा रही है कि वे खुद विभिन्न अफ्रीकी देशों में जाकर वहां के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को समिट के लिए निमंत्रण दे।
पीएम ने जोड़ा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद इन सभी को समिट के लिए अपने साथ जोड़ा है। जानकारों का कहना है कि इतने बड़े समिट के लिए इस तरह की व्यवस्था की जाती है।
1983 के बाद
भारत में 1983 में हुए गुट निरपेक्ष सम्मेलन के बाद शायद इतना बड़ा समिट पहली बार हो रहा है, जिसमें दर्जनों देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भाग लेंगे। दरअसल मोदी सरकार के आने के बाद भारत अफ्रीकी देशों से संबंध मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहा। भारत अफ्रीका में इनवेस्टमेंट भी बढ़ाना चाह रहा है।
लंबी लड़ाई
भारत के अफ्रीकी देशों से गांधी जी के कारण बेहद मधुर संबंध रहे हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रहते हुए अश्वेतों के हक में लंबी लड़ाई भी लड़ी थी। भारत की बहुत सी कंपनियों जैसे भारती एयरटेल, महिन्द्रा, टाटा, एस्सार वगैरह का अफ्रीकी देशों में तगड़ा निवेश है।
तगड़ा निवेश
ईस्ट अफ्रीका में तो भारतीय मूल के लाखों लोग रहते भी हैं।केन्या की भारतीय मूल की सांसद सोनिया विरदी ने कहा कि उक्त सम्मेलन से भारत-अफ्रीका संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने अफ्रीका के भारतीय चाहते हैं कि भारत उनके मसलों को हल करने में उनके देशों की सरकारों से संपर्क में भी रहे।













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