कार में अचानक लग गई आग और जिंदा जल गए तीन दोस्त, सेंटर लॉकिंग के चलते नहीं खुले दरवाजे
गुड़गांव। दिल्ली से सटे गुड़गांव के सेक्टर 60 में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां चलती कार में अचानक आग लग गई जिसमें सवार तीन दोस्त जिंदा जल गए। हालांकि आग लगने के बाद तीन युवकों ने खुद को बचाने की हर संभव कोशिश की लेकिन सेंटर लॉकिंग के चलते गेट नहीं खुला। वो मदद के लिए चींखते रहे लेकिन आग की लपटे इतनी तेज थी कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के वजह से कार की सीएनजी किट में आग लगी थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि गुरुवार को तीनों दोस्त गजेंद्र (38 वर्ष), नरेंद्र (28 वर्ष) और देवेंद्र (38 वर्ष) गांव पलड़ा से एस्टीम कार से चार बजे शाम निकले थे।

वहां से गांव नूरपुर पहुंचे। फिर वहां से सेक्टर-60 पहुंचे। तीनों दोस्त थे और पलड़ा के ही रहने वाले थे। वे लेमन ट्री होटल के सामने सीएनजी एस्टीम कार में तीनों दोस्त बैठ कर शराब पी रहे थे। कार में एसी चल रहा था। उसी दौरान कार के इंजन में आग लग गई। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात 10:17 बजे वहां से गुजर रहे चश्मदीद ने कार में आग लगने की पुलिस को सूचना दी। 10 मिनट में ही वह टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए। कार पूरी तरह जल चुकी थी। शीशा तोड़कर अंदर लगी आग भी बुझाई गई। आग बंद होने पर यहां मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गए। तीन लोग अंदर जिंदा जल चुके थे।
सेंटर लॉकिंग की वजह से गेट नहीं खुले
थाना प्रभारी राजेंद्र ने बताया कि आग लगने के दौरान कार के चारों गेट बंद हो गए थे। कार में सेंटर लॉकिंग सिस्टम था। आग लगने के बाद उसने काम करना बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि देवेंद्र स्टेयरिंग की तरफ बैठा हुआ था। आग लगने के बाद गजेंद्र और नरेंद्र बेहोश हो गए थे। लेकिन गजेंद्र ने बाहर निकलने का प्रयास किया था। लेकिन दरवाजे नहीं खुले थे। पुलिस के मुताबिक कार देवेंद्र (38) की थी। देवेंद्र खेती करते थे। गजेंद्र का फ्लेक्स बोर्ड प्रिंटिंग का काम था और नरेंद्र ऊंटगाड़ी चलाते थे।












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