पाक से जुड़े एक बिल को इंकार करने पर पीएम मोदी बन गए पाक के हीरो!

राज्‍यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर लाना चाहते हैं एक बिल जिसमें पाकिस्‍तान को आतंकवाद का समर्थक घोषित करने वाला देश घोषित करने की मांग मोदी सरकार से की गई है। लेकिन सरकार ने किया इंकार।

नई दिल्‍ली। बुधवार को ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गुस्‍सा एक हैशटैग की वजह से काफी ट्रेंड हो रहा था। #PakistaniHeroModi यह हैशटैग ट्विटर पर काफी तेजी से ट्रेंड कर रहा था। इसकी वजह है संसद में उस बिल का विरोध करना जो पाकिस्‍तान से जुड़ा हुआ है।

आतंकवाद में इजाफा

वैसे पीएम मोदी ने जब वर्ष 2014 में सत्‍ता संभाली थी तो उन्‍होंने पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपने शपथ ग्रहण में बुलाया था। इसके बाद कई मौके ऐसे आए जहां पर दोनों प्रधानमंत्रियों का आमना-सामना हुआ लेकिन इसके बावजूद न तो सीमा पार से आतंकवाद में कोई कमी आई और न ही कश्‍मीर के हालात बदले। एक नजर डालिए कि आखिर सरकार में आने के करीब ढाई वर्ष बाद अब ट्विटर पर लोगों ने क्‍यों पीएम मोदी को 'पाक का हीरो मोदी' बता डाला।

पाकिस्‍तान पर आया बिल

पाकिस्‍तान पर आया बिल

राज्‍यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर राज्‍यसभा में एक बिल लाना चाहते हैं। यह बिल पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन करार देने वाला बिल है। निर्दलीय सांसद चंद्रशेखर के इस बिल का नाम है, 'द डिक्‍लेयरेशन ऑफ कंट्रीज एज स्‍पांसा ऑफ टेररिज्‍म बिल -2016।' इस बिल के तहत पाक की तरह कुछ और देशों को भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश घोषित करने की मांग है। साथ ही देशों से सभी आर्थिक और व्‍यापारिक रिश्‍ते खत्‍म करने की मांग की गई है।

क्‍या है सरकार का जवाब

क्‍या है सरकार का जवाब

गृह मंत्रालय के अधिकारी की ओर से इस पर कहा गया है, 'भारत किसी भी देश को आतंकवादी देश घोषित नहीं कर सकता है क्‍योंकि इसे सभी देशों के साथ राजनयिक संबंध भी बरकरार रखने है। सिद्धांतों से अलग यह काफी कम होता है कि सरकार किसी निर्दलीय सांसद के किसी बिल का समर्थन करे।' गृह मंत्रालय की ओर से राज्‍य सभा सचिवालय को सरकार की स्थिति और विरोध के बारे में बता दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस तरह का कदम अंतराष्‍ट्रीय संबंधों को खतरे में डाल सकता है।

तीन फरवरी को आया बिल

तीन फरवरी को आया बिल

राजीव चंद्रशेखर की ओर से तीन फरवरी को यह बिल राज्‍यसभा में लाया गया था। उनका इस बिल पर कहना था कि भारत और इस क्षेत्र में दूसरे देश आतंकी हमलों के पीड़‍ितों रहे हैं। ये हमले संस्‍थाओं या व्‍यक्तियों की ओर से किए गए हैं जिन्‍हें पाक में मौजूद कुछ तत्‍वों का समर्थन मिला है। कई दशकों से पाक के साथ बातचीत करने और इसे मुख्‍यधारा में लाने की कोशिश की गई है।

पाक की ओर से जारी आतंकवाद में कितनी मौतें

पाक की ओर से जारी आतंकवाद में कितनी मौतें

यह बिल अंतत: आतंकवाद का समर्थन करने वालों की इशारा करता है। उन्‍होंने कुछ आंकड़ों के हवाले से यह भी कहा कि वर्ष 1998 से 29 जनवरी 2017 तक 14,741 नागरिकों की जान भारत में आतंकी हमलों की वजह से गई है। इन हमलों में सुरक्षाबलों के 6,274 जवान शहीद हुए तो वहीं 23,146 आतंकवादी मारे गए।

पाक का रिकॉर्ड असलियत बताने के लिए काफी

पाक का रिकॉर्ड असलियत बताने के लिए काफी

राजीव चंद्रशेखर का कहना है कि पाक का इतिहास और ट्रैक रिकॉर्ड यह बताने के लिए काफी है कि वह किस तरह से आतंकवादियों और आतंकवाद को अपनी सरजमीं पर बढ़ावा दे रहा है। अब समय आ गया है जब हमें दूसरे देशों की ओर पाक को आतंकवादी ताक‍तों का समर्थन करने वाले कदम का इंतजार नहीं करना चाहिए। उन्‍होंने यह भी कहा कि यह बिल भविष्‍य में उन देशों पर भी लागू हो सकता है जो प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष तौर पर भारत पर आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं।

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