छत्तीसगढ़: जब पुलिस कॉन्सटेबल भाई ने माओवादी बहन पर तान दी बंदूक तो हुआ कुछ ऐसा

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बलेंदटॉग के जंगलों में 29 जुलाई की सुबह जो हुआ वो हैरान करने वाला था। यहां एक माओवादी बहन और उसके सैनिक भाई के बीच गोलियां चलीं। दरअसल सुकमा पुलिस में गोपनीय सैनिक वेट्टी रामा के नेतृत्व में जंगल में पुलिस की एक टीम भेजी गई। टीम का टारगेट माओवादी वेट्टी कन्नी और उसके संगठन के 30 सदस्य थे।

आमने सामने आए भाई बहन और बरसने लगी गोलियां

आमने सामने आए भाई बहन और बरसने लगी गोलियां

जब दोनों दलों के बीच गोलियां चलना शुरू हुईं तो रामा और कन्नी आमने सामने थे। दोनों की नजरें मिली ही थीं कि कन्नी के घायल गार्ड ने गोलियां बरसाना शुरू कर दीं। दो माओवादियों को मार गिराया गया लेकिन कन्नी किसी तरह भाग निकली। 50 साल की कन्नी और 43 साल का रामा भाई बहन हैं। रामा कहते हैं- मैं उसपर गोली नहीं चलाना चाहता था लेकिन लेकिन उसके गार्ड्स ने मेरी टीम पर गोली चलाना शुरू किया तो मैं मजबूर हो गया। जब मैं घायल हुआ तो देखा वो गोलियां चला रही थी फिर कुछ देर में जंगल में गायब हो गई। बता दें कि कन्नी कोंटा में सीपीआई(एम) की एरिया कमिटी मेंबर है और उसके सिर पर 5 लाख रुपये का ईनाम है। वह माओवादियों में 'पोदीयारो' की इंचार्ज है। यानी उसका काम गिरफ्तार हो चुके माओवादिओं को लीगल सपोर्ट उपलब्ध कराना है। इसके अलावा पुलिस एनकाउंटर में मारे गए माओवादियों को परिवारों की देखरेख की जिम्मेदारी भी कन्नी की है।

'अब माओवादी आंदोलन में समर्पण की कमी है'

'अब माओवादी आंदोलन में समर्पण की कमी है'

बता दें कि रामा और कन्नी दोनों ने ही 1990 में माओवाद आंदोलन ज्वाइन किया था। रामा बताते हैं कि-'हम दोनों बाल संघम (बाल कैडर) के रूप में शामिल हुए क्योंकि हमें बताया गया था कि यह आंदोलन क्षेत्र के गरीबों के लिए है। लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। वर्तमान माओवादी आंदोलन में समर्पण की कमी है और इसलिए मैंने 2018 में आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। मुझे फिर पुलिस में नौकरी मिल गई और अगले कुछ महीनों में, मुझे पुलिस कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत किया जाएगा।

कभी वेट्टी रामा पर भी था 6.5 लाख का ईनाम

कभी वेट्टी रामा पर भी था 6.5 लाख का ईनाम

रामा भी सीपीआई(एम) की एरिया कमिटी मेंबर थे और उनपर अगस्त 2018 तक 6.5 लाख का ईनाम था। जब रामा से उनके आत्मसमर्पण के पीछे के कारण के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'मेरे जीवन के दो दशक माओवादियों के आंदोलन में समर्पित करने के बाद भी, मुझे एसीएम के पद से हटा दिया गया और बाद में, मुझे सीपीआई (एम) के एक और विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया। ... क्या आप कल्पना कर सकते हैं? मैं अपनी पत्नी से सात साल से नहीं मिला था और वरिष्ठ कैडरों में मेरी अडिग प्रतिबद्धता के लिए कोई सम्मान नहीं था।'

'तुम गद्दार हो, मुझसे आत्मसमर्पण की उम्मीद मत करना'

'तुम गद्दार हो, मुझसे आत्मसमर्पण की उम्मीद मत करना'

रामा के आत्मसमर्पण करने के बाद, वह चाहते थे कि उनकी बहन भी खुद को सरेंडर कर दे। रामा ने अपनी बहन को तीन पत्र लिखे और उससे आत्मसमर्पण करने का आग्रह किया। कन्नी ने उसे देशद्रोही करार देते हुए खतों का जवाब दिया। कन्नी ने लिखा "मुझे कभी भी आत्मसमर्पण के लिए नहीं कहना। मैं मुआवजे के लालच में नहीं हूं मैं एक क्रांतिकारी हूं ... तुम्हें कभी नहीं सोचना चाहिए था कि तुम खुद को बचा सकते हो ... तुम गद्दार हो। पत्र में रामा पर माओवादी आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया गया था क्योंकि वह पुलिस बल में शामिल हो गए थे।

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