वेतन है सिर्फ 10 हजार लेकिन फिर भी हैं करोड़पति, देखिए क्या है सीक्रेट
नई दिल्ली। एक कर्मचारी की सैलरी अगर 10 से 15 हजार रुपए है और उसके बाद वह करोड़पति है तो आपको जानकर हैरानी होगी। ऐसे कैसे पॉसिबल है लेकिन यह बात पूरी तरह से सच है। यह वाक्या है रविराज फोइल्स लिमिटेड का। यहां पर इंप्लॉईज का वेतन बेहद कम है लेकिन इस कंपनी के कर्मचारियों की प्रॉपर्टी करोड़ों की है। यह न तो बैंक की गलती से हुआ है और न ही किसी तरह की कोई युक्ति है। लेकिन इसके बाद भी यह बात पूरी तरह सच है कि कर्मचारी गरीब होने के बाद भी कितने अमीर हैं।

300 लोगों की कंपनी में हैं करोड़पति
रविराज फोइल्स कंपनी के मुताबिक यहां पर काम करने वाले लोगों की संख्या केवल तीन सौ है। लेकिन जमीन अधिग्रहण में मुआवजे के तौर पर गांव वालों को करोड़ों रुपए मिले हैं। योग्यता के आधार पर इस फैक्ट्री में सुपरवाइजर, सिक्योरिटी गार्ड, फोन मैन आदि भी जॉब करते हैं लेकिन सबकी सैलरी न के बराबर होने के बाद भी उनके खाते में करोड़ो रुपए हैं।
ये कर्मचारी हैं करोड़पति
यहां पर हम कुछ लोगों के उदाहरण आपको दे रहे हैं। जिनमें दो तीन कर्मचारी ऐसे हैं जो केवल कंपनी के लिए ही काम करते हैं। कंपनी में जहां मशीन ऑपरेटर की नौकरी करने वाले धर्मेन्द्र सिंह वाघेला की सैलरी पन्द्रह हजार रुपए प्रति महीना है लेकिन उनके बैंक खातें में दो करोड़ से ज्यादा रुपए हैं। असिस्टेंट की नौकरी के लिए जगदीश राठौर को केवल 12 हजार रुपए महीना मिलता है। वहीं उनके खाते में डेढ़ करोड़ रुपए है। सारे करोड़पति इंप्लॉईज ने पैसों को बैंकों में एफ डी करवा रखी है। इतना अधिक पैसा है इनके पास कि मिलने वाले इंटररेस्ट से फैमिली का खर्च पूरा होता है। कंपनी की शुरूआत 2013 में हुई थी।












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