The Kerala Story यूपी, एमपी में टैक्स फ्री क्यों की गई? कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का ये है दावा
The Kerala Story:कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासित राज्य में इसे टैक्स फ्री क्या गया है, क्योंकि वह विभाजनकारी राजनीति करती है।

The Kerala Story politics: पश्चिम बंगाल के कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने सुदिप्तो सेन की फिल्म 'द केरल स्टोरी' को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश मे टैक्स फ्री किए जाने को लेकर बहुत बड़ा दावा किया है। उन्होंने इसके पीछे बीजेपी के 'विभाजनकारी राजनीति' का एजेंडा होने का आरोप लगाया है।

बीजेपी के 'विभाजनकारी राजनीति' का एजेंडा- कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को कहा है कि यूपी और एमपी भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य हैं और वहां 'द केरल स्टोरी' को टैक्स फ्री करना, उसकी 'विभाजनकारी राजनीति' का एजेंडा है। चौधरी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में ये आरोप लगाए है।

'टैक्स-फ्री है, क्योंकि वे राज्य बीजेपी द्वारा शासित हैं'
बंगाल कांग्रेस के नेता और सांसद ने कहा, ''द केरल स्टोरी' एमपी और यूपी में टैक्स-फ्री है, क्योंकि वे राज्य बीजेपी द्वारा शासित हैं। वे भारत के क्रांतिकारी शख्सियतों से जुड़ी फिल्में नहीं दिखाएंगै। वे सिर्फ 'द केरल स्टोरी' और 'द कश्मीर फाइल्स' मुफ्त में दिखाएंगे, क्योंकि तब वह विभाजनकारी राजनीति करने में सक्षम हो पाएंगे।'

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पर बैन के फैसले पर ममता सरकार को दिया है झटका
बंगाल की सत्ताधारी टीएमसी सरकार के खिलाफ हमेशा मोर्चा खोले रखने वाले कांग्रेस नेता का यह बयान सुप्रीम कोर्ट की ओर से 'द केरल स्टोरी' पर पश्चिम बंगाल सरकार की ओर लगाए गए बैन पर रोक लगाने के तत्काल बाद आया है। सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार के फिल्म पर रोक लगाने वाले आदेश के समर्थन में उसके समक्ष पेश की गई दलीलों को खारिज कर दिया है।

कानून और व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी- सुप्रीम कोर्ट
यही नहीं सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने यहां तक कहा है कि जब फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है तो यह चुनी हुई सरकारों की जिम्मेदारी है कि वह कानून और व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करे।
Recommended Video
ममता सरकार की सफाई
सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद बंगाल की महिला और सामाजिक कल्याण मंत्री शशि पांजा ने प्रतिक्रिया दी है कि 'सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय दी है। इसके बाद सीएम क्या कार्रवाई करेंगी, उसके बारे में वही कहेंगी....लेकिन उनकी मंशा यही थी कि कोई भी समुदाय आहत न हो और कोई भी समुदाय यदि आहत महसूस करता है और प्रतिक्रिया देता है..... यदि इससे कोई कानून और व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो जाती है...जिसकी वजह से उन्होंने एक फैसला लिया....'

'फिल्म को बिना किसी व्यवधान के प्रदर्शित किया जाए'
ममता बनर्जी के फैसले के खिलाफ मोर्चा करने वाले बीजेपी के अमित मालवीय ने ट्विटर के जरिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है, 'बंगाल की गृह मंत्री के रूप में अब यह ममता बनर्जी को सुनिश्चत करना है कि फिल्म को बिना किसी व्यवधान के प्रदर्शित किया जाए। उनकी डॉग विसल्स, लगातार इस तरह से तुष्टिकरण की राजनीति में डूबी हुई है और कई मौकों पर बंगाल में बोलने की स्वतंत्रता को कमतर किया है।'
ममता ने बैन लगाने के दौरान क्या कहा था?
फिल्म पर रोक लगाने का आदेश देते हुए ममता बनर्जी ने कहा था, 'पश्चिम बंगाल सरकार ने फिल्म 'द केरल स्टोरी' को बैन करने का फैसला किया है। यह नफरत और हिंसा की किसी घटना को रोकने के लिए और प्रदेश में शांति बनाए रखने के लिए है.....'द कश्मीर फाइल्स' क्या है? यह एक वर्ग अपमानित करने के लिए था। 'द केरल स्टोरी' क्या है?.....यह विकृत है।'
'द केरल स्टोरी'
'द केरल स्टोरी' में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट द्वारा युवा लड़कियों और महिलाओं को जबरन भर्ती और धर्मांतरण कराने पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म के रिलीज होने के पहले से इसको लेकर राजनीति हो रही है। फिल्म में दावा किया गया है कि केरल में लड़कियों को कट्टरपंथी बनाया गया और आतंकी संगठन में शामिल कराया गया। इस फिल्म पर रोक लगाने की मांग सुप्रीम कोर्ट तक से खारिज हो चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications