तालिबान- AIMIM का मुद्दा एक ही है.....भाजपा महासचिव ने ओवैसी की पार्टी के लिए क्या कहा ? सुनिए
कलबुर्गी, 31 अगस्त: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने अब हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की तुलना तालिबान से कर दी है। इससे पहल वह हाल ही में महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के बारे में कह दिया था कि वह तालिबान से प्रेरित है। सीटी रवि ने कर्नाटक के कलबुर्गी महानगर पालिका चुनाव को लेकर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन पर तीखा हमला बोला है और उसे हथियारों के दम पर अफगानिस्तान पर कब्जा करने वाले आतंकी संगठन तालिबान जैसा बता दिया है।
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तालिबान- एआईएमआईएम का मुद्दा एक ही है-भाजपा महासचिव
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कलबुर्गी में कहा है कि "एआईएमआईएम कर्नाटक के लिए तालिबान जैसा है। मुद्दा एक ही है....तालिबान का मुद्दा, एआईएमआईएम का मुद्दा और एसडीपीआई का मुद्दा एक ही है। कलबुर्गी में तालिबान नहीं चलेगा।" बता दें कि कर्नाटक के हुबली-धारवाड़, बेलगावी और कलबुर्गी में महानगर पालिका चुनाव 3 सितंबर को होने वाले हैं। इस चुनाव के नतीजे 6 सितंबर को आएंगे। हालांकि, इस चुनाव से कर्नाटक में भाजपा के नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की सरकार की सेहत पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ने वाला है, लेकिन उनके लिए यह चुनाव इसलिए अहम है क्योंकि उनके नेतृत्व में यह पहला इलेक्शन हो रहा है।
उद्धव सरकार को तालिबान से प्रेरित बताया था
इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के लिए जब केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को वहां गिरफ्तार किया गया था तो रवि ने उद्धव सरकार को तालिबान के विचारों से प्रेरित बताया था। उन्होंने ट्विटर पर लिखा था, 'ऐसा लगता है कि महा वसूली अघाड़ी तालिबान से प्रेरित है!' राणे को नासिक पुलिस ने 'उद्धव के कान के नीचे बजाने' वाली टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद रवि ने कई ट्वीट करके महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने कहा था कि उद्धव ठाकरे 'तानाशाह की तरह हैं, जो भ्रष्टाचारियों को बचा रहे हैं', जबकि उनसे जो सवाल करता है उसे गिरफ्तार कर रहे हैं। उन्होंने राणे की गिरफ्तारी पर लिखा था, 'विनाश काले विपरीत बुद्धि!'
"कलबुर्गी में तालिबान नहीं चलेगा"
भाजपा के लिए ये निगम चुनाव इस लिहाज से महत्वपूर्ण हैं कि इसमें उसके प्रदर्शन से आने वाले जिला और तालुका पंचायत चुनावों और बृहत बेंगलुरु महानगर पालिके चुनावों के लिए भी तस्वीर साफ हो सकती है। वैसे ये तीनों निगम उत्तर कर्नाटक में है, जहां जेडीएस की मौजूदगी न के बराबर है। इसलिए मुकाबला मुख्य तौर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होने की उम्मीद है और तालिबान और ओवैसी की पार्टी का नाम उछाल कर बीजेपी अपनी चुनावी रणनीति सेट करने की कोशिश कर रही है।
पिछले चुनाव में बीजेपी 82 वार्ड वाली हुबली-धारवाड़ निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और बहुमत से सिर्फ एक सीट पीछे रही थी। वहीं कांग्रेस 55 वार्ड वाले कलबुर्गी में जीती थी, जहां भाजपा इसबार तालिबान का मुद्दा उछालकर अपनी जीत सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है। वहीं 58 वार्ड बेलगावी का चुनाव पार्टी लाइन पर नहीं हुआ था, क्योंकि जिले के नेताओं ने चुनाव से पहले ही इसपर आपस में सहमति बनाई थी।












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