केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ राजस्थान की गहलोत सरकार ने पारित कराए तीन विधेयक
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि कानून को काउंटर करने के लिए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने सोमवार को विधानसभा में कुल तीन संशोधन विधेयक पारित किए, जिसे अब राज्यपाल कलराज मिश्र के पास मंजूरी के लिए भेज जाएंगे। इससे पहले भी कांग्रेस शासित पंजाब सरकार के मुखिया कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी केंद्रीय कृषि कानून को बॉयपास करने के लिए संशोधन विधेयक पारित किए गए थे।

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राजस्थान विधानसभा में पारित तीन संशोधित विधेयक पर अशोक गहलोत सरकार ने कहा कि इससे किसानों को राहत मिलेगी। करीब 6 घंटे बहस के बाद राजस्थान विधानसभा पास कराए तीनों संशोधन विधेयक में एक दिलचस्प बात निकल कर सामने आई, वह यह कि राजस्थान सरकार द्वारा पास कराए गए तीनों संधोधित विधेयक में केंद्रीय कृषि कानून के जिस प्रावधान के खिलाफ कांग्रेस सबसे अधिक लामबंद हुई थी, राजस्थान सरकार द्वारा पारित तीनों संधोधित विधेयक में उसका प्रावधान नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय कृषि कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी खऱीद का प्रावधान शामिल करने की मांग की थी, लेकिन प्रदेश के विधेयकों में इसका जिक्र नहीं है। यहां केवल संविदा खेती में ही एमएसपी का प्रावधान किया गया है। सामान्य किसान द्वारा मंडी में या अन्य किसी जगह उपज बेचने पर एमएसपी का प्रावधान नहीं किया गया है। यही नहीं, कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) संशोधन विधेयक में एमएमसपी का प्रावधान नहीं है। विधेयक में किसान के उत्पीड़न पर 3 से 7 साल की सजा और पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार द्वारा पारित कुल तीन विधेयकों में पहला विधेयक कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन व सरलीकरण राजस्थान संशोधन विधेयक 2020, जबकि दूसरा विधयेक कृषक सशक्तिकरण और संरक्षण कीमत आश्वासन व कृषि सेवा पर करार राजस्थान संशोधन विधेयक 2020 और तीसरा विधयेका आवश्यक वस्तु विशेष उपबंध और राजस्थान संशोधन विधेयक 2020 प्रमुख हैं, जिसे सोमवार को केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ पारित कराया गया है।












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