तो नरेंद्र मोदी के करीब हो रहे हैं शशि थरूर!
नई दिल्ली। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत कर दी और इस अभियान में मोदी की ओर से जब कांग्रेस के नेता शशि थरूर को आमंत्रित किया गया तो हर कोई हैरान रह गया।

और बढ़ीं कांग्रेस की परेशानियां
कांग्रेस की ओर से मोदी के स्वच्छ भारत अभियान पर निशाना साधते कहा गया है कि मोदी कैसे उनके नेता को इसके साथ जुड़ने के लिए कह सकते हैं। साथ ही कांग्रेस ने मोदी के इस स्वच्छता अभियान को भी पूरी तरह से नौंटकी करार दे दिया गया। लेकिन कहीं न कहीं सही है कि शायद कांग्रेस अब मोदी और थरूर की बढ़ती करीबियों से काफी परेशान हो रही है।
थरूर ने सराहा और कांग्रेस चुप
शनिवार को जब नरेंद्र मोदी यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली में अपना पहला भाषण दिया तो शशि थरूर कांग्रेस के पहले ऐसे नेता थे जिन्होंने मोदी की तारीफ की थी। थरूर ने मोदी के भाषण के बाद एक ट्वीट की और इस ट्वीट में थरूर ने लिखा भारत के प्रधानमंत्री की ओर यूएनजीए 2014 में दिया गया भाषण काफी मजबूत था।
इस भाषण में अतंराष्ट्रीयकरण, लोकतंत्र के समर्थन और पर्यावरण के साथ ही साथ आतंकवाद के खिलाफ भी कई बातें थी। थरूर ने यह भी लिखा कि मोदी की ओर से पाकिस्तान को एक अच्छा जवाब दिया गया है।
वहीं मोदी के इसी भाषण पर कांग्रेस की सरकार में विदेश मंत्री रहे सलमान खुर्शीद ने मोदी की जमकर आलोचना की। खुर्शीद और पूरी कांग्रेस थरूर के इस ट्वीट पर चुप्पी साधे रही।
कांग्रेस जहां मोदी के अमेरिका दौरे की खुलकर आलोचना कर रही थी तो वहीं थरूर कांग्रेस के पहले ऐसे नेता बनकर सामने आए जिन्होंने मोदी की तारीफ कर डाली।
मोदी और थरूर की बदलती केमेस्ट्री
जहां कांग्रेस की समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर थरूर और मोदी के बीच कौन सी केमेस्ट्री काम कर रही है तो वहीं राजनीति के पंडित भी हैरान है। हैरानी इस बात की कि यह वही थरूर हैं जिनकी स्वर्गीय पत्नी सुनंदा पुष्कर को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की ओर से एक ऐसी टिप्पणी की गई थी जिसके बाद जमकर बवाल मचा था।
मोदी और थरूर के बीच बदलती केमेस्ट्री की एक वजह सुनंदा पुष्कर भी थीं। सुनंदा ने मोदी के कश्मीरी पंडितों के रुख का समर्थन जाहिर किया था। फिर जब मई लोकसभा चुनावों का रिजल्ट आया तो थरूर का मोदी के लिए नजरिया पूरी तरह से बदल गया।
एक लीडिंग अमेरिकी वेबसाइट हफिंगटन पोस्ट पर उनका एक आर्टिकल आया और इसने कांग्रेस का सिरदर्द और बढ़ा दिया।
इस आर्टिकल का टाइटल था, 'हाऊ नरेंद्र मोदी मे हैव इवॉल्व्ड इनटू मोदी 2.0।' यह आर्टिकल आने की देर थी और विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस नेयह कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया कि यह थरूर के निजी विचार हैं तो वहीं थरूर एक और बम कांग्रेस पर अगले कुछ ही दिनों में फोड़ दिया।
संसद में विपक्ष को मोदी की खास पहुंच को नजरअंदाज नहीं कर चाहिए। उस समय ऐसी खबरें आ रही थीं कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं की ओर से थरूर को चेतावनी भी दी गई थी।
अकेले कांग्रेसी थरूर जुड़ेंगे स्वच्छता अभियान से?
बात चाहे कुछ भी हो लेकिन मोदी ने अब जिस तरह से थरूर को अपने स्वच्छता अभियान में जुड़ने के लिए आमंत्रित किया है उससे कांगेस में हलचल मचनी स्वाभाविक है क्योंकि कांग्रेस से सिर्फ थरूर को ही मोदी की ओर से ऐसा आमंत्रण दिया गया है।
अब आने वाले दिनों में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या थरूर अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर अपने 'मोदी प्रेम' को ऐसे ही प्रदर्शित करते रहेंगे या वह पार्टी की सलाह मानकर चुप हो जाएंगे।












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