Thalapathy Vijay से जुड़ा 13 साल पुराना राज कांग्रेस नेत्री ने खोला! शेयर की तस्वीर, कहा-'तेरा मुझसे है नाता'
Thalaipathy Vijay Ragini Nayak Photo Viral: तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों सत्ता समीकरणों का गणित और पुराने रिश्तों का राज एक साथ उछल रहा है। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने 23 अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनावों में 234 सीटों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। लेकिन बहुमत का जादुई आंकड़ा 118 अभी भी
दूर है। पांच MLA वाली कांग्रेस ने TVK को समर्थन दे दिया है, फिर भी 113 सीटों के साथ सरकार बनाने का रास्ता पेचीदा बना हुआ है। इसी बीच कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए 12-13 साल पुराना 'राज' खोल दिया। आइए जानते हैं क्या है...

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने लिखा- 'तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई'... जो संघी/भाजपायी विलाप कर रहे हैं कि @INCIndia और @TVKVijayHQ का गठबंधन अचानक कैसे हो सकता है... वो ये तस्वीर ज़रा ध्यान से देखें। ये 12-13 साल पुरानी फोटो है जिसमें हम NSUI के तत्कालीन राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ एक्टर विजय कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं!'
पुरानी तस्वीर क्या बताती है?
यह ग्रुप फोटो NSUI (National Students' Union of India) के उस समय के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की है। इसमें शामिल हैं-
- हिबी ईडेन (तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष)
- गोपी (राष्ट्रीय सचिव)
- अशोक बसोया (राष्ट्रीय महासचिव)
- और खुद रागिनी नायक (राष्ट्रीय महासचिव)
तस्वीर TVK पार्टी बनने से बहुत पहले की है, जब विजय सिर्फ तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थे। यह पोस्ट उन आलोचकों को सीधा जवाब है जो कांग्रेस-TVK गठबंधन को 'मौकापरस्त' और 'अचानक' बता रहे थे।
तमिलनाडु में सियासी गतिरोध: राज्यपाल vs TVK
TVK के फाउंडर थलापति विजय पिछले 24 घंटे में दो बार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिल चुके हैं और सरकार बनाने का निमंत्रण मांगा है। लेकिन अभी तक कोई औपचारिक न्योता नहीं मिला।
संवैधानिक विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। वरिष्ठ वकील और संवैधानिक कानून के जानकार राकेश द्विवेदी का कहना है कि गवर्नर को TVK से पूछने और पहली नजर में बहुमत के समर्थन के बारे में संतुष्ट होने का अधिकार है, चाहे समर्थन सरकार के अंदर हो या बाहर। सरकार स्थिर होनी चाहिए। सहयोगियों से समर्थन पत्र लेने में कोई मुश्किल नहीं होनी चाहिए। अगर विफल रहे तो गतिरोध पैदा होगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो राष्ट्रपति शासन लग सकता है। इसलिए TVK को समर्थन पत्र दाखिल करने या समर्थक नेताओं को गवर्नर के सामने पेश करने की सलाह दी गई है।
गठबंधन की गहराई: 2011 का अन्ना हजारे आंदोलन तक जाता है नाता
पोस्ट पर आए कमेंट्स में एक और दिलचस्प तथ्य उछला है। 2011 में जब अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन कांग्रेस-led UPA सरकार के खिलाफ चरम पर था, तब थलापति विजय ने मंच से इसका खुला समर्थन किया था। उस समय कांग्रेस और विजय के बीच वैचारिक दूरी साफ दिख रही थी।
फिर भी आज कांग्रेस TVK के साथ खड़ी है। आलोचक इसे 'सत्ता की मजबूरी' बता रहे हैं, क्योंकि तमिलनाडु में कांग्रेस का पारंपरिक साथी DMK रहा है। लेकिन रागिनी नायक की पुरानी तस्वीर इस बात की याद दिलाती है कि राजनीति में 'नाता' कभी भी पुराना नहीं पड़ता, बस समय और सियासी जरूरत के हिसाब से रंग बदलता रहता है।
क्या कहता है यह पूरा घटनाक्रम?
यह पोस्ट सिर्फ एक फोटो शेयर करने से ज्यादा है। यह तमिलनाडु की बदलती राजनीति का आईना है, जहां:
- एक नई पार्टी (TVK) सबसे बड़ी बनकर उभरी है
- राष्ट्रीय दल (कांग्रेस) पारंपरिक गठबंधन तोड़-जोड़कर नया रास्ता तलाश रही है
- राज्यपाल का फैसला संवैधानिक परीक्षा की कसौटी पर है
अभी सवाल यही है कि क्या TVK कांग्रेस के 5 MLA के साथ और कुछ स्वतंत्र/छोटे दलों का समर्थन जुटा पाएगी? या राज्यपाल के फैसले से नया गतिरोध खड़ा होगा? रागिनी नायक का पोस्ट एक बात साफ कर गया है: राजनीति में पुराने दोस्त कभी बेकार नहीं होते। बस मौका मिलने का इंतजार रहता है।













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