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कश्मीर प्रशासनिक सेवा के टॉपर अंजुम का आतंकवादियों ने जला दिया था घर

By Rahul Kumar
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    श्रीनगर। अगर आप किसी से कश्मीर की बारे में बात करते हैं तो उसके जहन में सबसे पहले आतंकवाद, पत्थरबाजी, देश विरोधी नारे, हिंसा, आगजनी की तस्वीर उभर कर आती है। सालों से आतंकवाद की मार झेल रहा कश्मीर अब इन सब से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे है। कश्मीर प्रशासनिक सेवा के सोमवार को घोषित हुए परिणाम में सुरनकोट के अंजुम बशीर खान ने पहला स्थान हासिल किया है। अंजुम बशीर खान ने किसी कोचिंग में जाए बिना पहला स्थान हासिल किया। अंजुम एक स्थानीय स्कूल में बच्चों को मैथ्स पढ़ाते हैं।

    18 साल पहले आतंकवादियों ने अंजुम के घर में लगा दी थी आग

    18 साल पहले आतंकवादियों ने अंजुम के घर में लगा दी थी आग

    अंजुम की शुरुआती लाइफ काफी कष्टकारी रही है। जब वे 9 साल के थे तब आतंकवादियों ने उनके घर में आग लगा दी थी। कश्मीर मे आतंकियों के डर से घर छोड़ कर भागे थे। क्योंकि उनके माता-पिता ने अपने बड़े बेटे को आतंकी बनाने की इजाज़त नहीं दी थी। इसके बाद परिवार ने जम्मू में आकर शरण ली थी। कश्मीर प्रशासनिक सेवा में टॉप करने वाले 27 साल के अंजुम बशीर खान वापस सुरनकोट जाना चाहते है जिसस वह वहां के युवाओं के लिए काम कर सकें।

     स्कूल में मैथ्स के शिक्षक थे अंजुम

    स्कूल में मैथ्स के शिक्षक थे अंजुम

    स्थानीय स्कूल में मैथ्स के शिक्षक अंजुम ने कंप्यूटर साइंस में बी-टेक किया हुआ है। अंजुम बचपन से ही इस परीक्षा को क्वालीफाई करना चाहते थे और इसके लिए मेहनत कर रहे थे। अंजुम ने पहले ही प्रयास में परीक्षा में टॉप किया। अंजुम ने परीक्षा के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया था। इस परीक्षा में सफल अंजुम वापस पुंछ जिले के अपने कस्बे सुरनकोट जाना चाहते हैं। वह वहां पर युवाओं के सही रास्ता दिखा ने लिए काम करना चाहते हैं।

    अंजुम के पिता मोहम्मद बशीर एक रिटायर्ड लेक्चरर हैं

    अंजुम के पिता मोहम्मद बशीर एक रिटायर्ड लेक्चरर हैं

    अंजुम के पिता मोहम्मद बशीर का कहना है कि उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए कड़ी मेहनत की ताकि वे शांति और विकास के दूत बन सकें। 2015 में कश्मीर प्रशासनिक सेवा के लिए 12 हजार से भी ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए जबकि इसके लिए सिर्फ 51 का ही चुनाव हुआ। अंजुम के पिता मोहम्मद बशीर एक रिटायर्ड लेक्चरर और उनकी मां गुलाम फातिमा एक सरकारी स्कूल में टीचर हैं।

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    English summary
    Anjum Bashir Khattak, a 24-year old youth from Jammu and Kashmir’s Surankote cracked the Kashmir Administrative Service (KAS) exams in his first attempt

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