मंत्री अश्विनी वैष्णव की बैठक में BSNL अधिकारी ने ली थी झपकी, अब सरकार ने दिया VRS
नई दिल्ली, 22 सितंबर। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अगस्त के पहले सप्ताह में अखिल भारतीय मुख्य महाप्रबंधक (CGM) स्तर पर BSNL अधिकारियों की बैठक ली थी। इस बैठक में एक अधिकारी ने झपकी ले ली थी। इस पर मंत्री ने अधिकारी को फटकार लगाई थी और कमरे से बाहर भी करा दिया था। साथ ही अधिकारी को तुरंत वीएरएस लेने को भी कहा था। वहीं, अब झपकी लेने वाले अधिकारी को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबरों के मुताबिक अधिकारी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है।

बैठक में 1.64 लाख करोड़ के पैकेज को दी गई थी मंजूरी
BSNL की बैठक में केंद्रीय मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी थी। साथ ही बैठक में केंद्रीय मंत्री ने बीएसएनएल कर्मचारियों से बेहतरीन प्रदर्शन करने और दो साल में इसे आगे ले जाने या फिर वीआरएस का विकल्प चुनने को कहा था।
जानकारी के मुताबिक बुधवार को अधिकारी के वीआरएस को मंजूरी दे दी गई। अधिकारी बेंगलुरु में सीजीएम के पद पर कार्यरत था। अधिकारी को फटकार लगाते हुए वैष्णव ने कहा था कि जो लोग काम नहीं कर सकते वे वीआरएस ले सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी भी अधिकारी को वीआरएस लेने में हिचकिचाहट है तो सरकार रेलवे की तरह अनिवार्य सेवानिवृत्ति नियम लागू कर सकती है।
2019 के बाद तीसरी बार दिया गया सबसे बड़ा राहत पैकेज
आपको बता दें कि बीएसएलएल के इतिहास में यह तीसरा मौका है जब इतने बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया किया है। इससे पहले सरकार की तरफ से 2019 में लगभग 69,000 करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया गया था। जबकि, इससे भी पहले सरकार की तरफ से बीएसएनएल 4जी कैपेक्स के लिए वित्तीय सहायता दी गई थी। वित्तीय सहायता के अलावा सरकार बीएसएनएल के साथ भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड का भी विलय कर दिया है, जो ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ रहा है।
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