Telangana Lok Sabha Chunav: हमनामों से बचा लो! तेलंगाना चुनाव में कितनी बड़ी हुई ये समस्या?
Telangana Lok Sabha Election: पिछले साल नवंबर में तेलंगाना विधानसभा चुनावों के दौरान भी हमनाम उम्मीदवारों के कई मामले सामने आए थे। इस बार लोकसभा चुनाव में तो कई सीटों पर सभी प्रमुख दल के उम्मीदवारों को अपने किसी हमनाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
हमनामों का मामला इतना तूल पकड़ चुका है कि कुछ घटनाओं में यह हाई कोर्ट से लेकर चुनाव आयोग तक की चक्कर काट रहा है, लेकिन उनसे छुटकारा पाने का कोई सटीक उपाय नजर नहीं आ रहा है। तेलंगाना में 13 मई को चुनाव है और जिस सीट पर प्रमुख उम्मीदवार के खिलाफ उसका हमनाम चुनाव लड़ रहा, उसकी सांसें अटक गई हैं।

हमनामों ने प्रमुख उम्मीदवारों को किया परेशान
चेवेल्ला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे बीजेपी प्रत्याशी कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी का मामला तो काफी तूल पकड़ चुका है। लेकिन, इस बार उनकी तरह कई और उम्मीदवारों का भी गला हमनाम उम्मीदावरों की वजह से सूख रहा है। इन्हें चिंता है कि कहीं एक तरह या एक ही नाम होने से मतदाता वोट डालते वक्त धोखा न खा जाएं।
कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी एक ही नाम वाले निर्दलीय उम्मीदवार की शिकायत को लेकर तेलंगाना हाई कोर्ट तक में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन चुनाव आयोग उनकी चिंताओं को दूर करने में असमर्थ रहा है। रेड्डी को लगता है कि उन्हीं के नाम वाले निर्दलीय प्रत्याशी की वजह से उनका वोट उसे मिल सकता है।
भाजपा प्रत्याशी को नहीं मिल पाया समाधान
रेड्डी ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया था कि उनके और उनके हमनाम उम्मीदवार के बीच में बैलेट पर 10 अन्य उम्मीदवार डाल दिए जाएं, ताकि वोटर उन्हें आसानी से पहचान सकें। लेकिन, चुनाव आयोग ने कहा कि नियम के तहत इस स्टेज पर आकर इस तरह का बदलाव संभव नहीं है। वे कोर्ट में भी गए, अदालत ने भी मामले को वापस चुनाव आयोग के पास ही भेज दिया।
हमनाम या मिलते-जुलते नाम से धोखा का सकता वोटर- विश्लेषक
लेकिन, मिलते-जुलते नाम वाले उम्मीदवारों की शिकायतें कई और सीटों से भी सामने आई हैं। एक वरिष्ठ चुनाव विश्लेषक ने भी इस चिंता को वाजिब बताया है कि भले ही चुनाव निशान अलग हों, एक ही नाम या मिलते-जुलते नामों की वजह से मतदाताओं के धोखा खाने का जोखिम रहता है।
भोंगिर लोकसभा सीट पर हमनामों की जमघट ही लग गई
भोंगिर लोकसभा सीट से बीआरएस के टिकट पर क्यामा मल्लेश चुनाव लड़ रहे हैं। उनके विरोध में एक निर्दलीय प्रत्याशी हैं, जिनका नाम उदारी मल्लेश है। यहां बूरा नरसैया गौड़ बीजेपी उम्मीदवार हैं। यहां एक निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में था, जिसका नाम बुर्रा नरसैया गौड़ था।
हालांकि, बाद में उसका पर्चा रद्द हो गया। लेकिन, इसी चुनाव क्षेत्र में कांग्रेस के चमाला किरण कुमार रेड्डी भी मैदान में हैं। लेकिन, एक निर्दलीय और है जिसका नाम अमिरेड्डी किरण रेड्डी है।
करीमनगर में कांग्रेस ने वेलिचाला राजेंदर राव को उम्मीदवार बनाया है। वहां उनके मुकाबले में पोथुरी राजेंदर चुनाव मैदान में हैं, जो कि निर्दलीय हैं।
खम्मम में कई नागेश्वर राव मैदान में
खम्मम में बीआरएस ने मौजूदा सांसद नामा नागेश्वर राव को उतारा है। वहां कई नागेश्वर राव खड़े हो गए हैं। मसलन, नागेश्वर राव लकावथ ऑल इंडिया नेशनल रक्षा सेना से चुनाव मैदान में हैं, तो कासिमेला नागेश्वर राव और कटुकोजवाला नागेश्वर राव निर्दलीय दांव मारने उतर गए हैं।
प्रमुख उम्मीदवारों के मुकाबले चुनाव लड़ रहे हमनाम या मिलते-जुलते नाम वाले उम्मीदवारों के जीतने की संभावना कम ही है, लेकिन उन्होंने नाम की वजह से जितना भी वोट काटा, वह संबंधित उम्मीदवारों की संभावनाओं को खराब ही करेगा। तेलंगाना में लोकसभा की 17 सीटें हैं और एक ही चरण में यहां 13 मई को सभी पर वोटिंग होनी है। चुनाव परिणाम 4 जून को आएंगे।












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