Telangana: 'चाय वाला PM बन सकता है, तो हम MLA क्यों नहीं', BJP से टिकट मांगने वाले कौन हैं? जानिए
तेलंगाना विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी पार्टी का टिकट चाहने वाले लोगों से पिछले 4 सितंबर से ही आवेदन जमा करवा रही थी। रविवाकर को आखिरी दिन तक 6 हजार से ज्यादा लोगों ने यह आवेदन भरा है। अंतिम दिन ही 27 सौ से अधिक लोगों ने पार्टी टिकट के लिए अपनी दावेदारी जताई है।
हैरानी की बात है कि टिकट दावेदारों की इतनी लंबी कतार में भी सिर्फ एक ही मौजूदा विधायक रघुनंदन राव का नाम शामिल है। बाकी वरिष्ठ नेताओं की संख्या भी बहुत सीमित है। दिलचस्प बात ये है कि इस बार बीजेपी से टिकट मांगने वालों में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर पार्टी के सपोर्ट स्टाफ की भरमार लग गई है।

मामूली कार्यकर्ताओं में टिकट पाने की होड़
कहते हैं कि आज बीजेपी की राजनीति करके कई वरिष्ठ नेता जो देश में शीर्ष पदों पर बैठे हैं, उनके सियासी करियर की शुरुआत कभी पार्टी के दफ्तरों में प्रेस वालों के लिए कुर्सियां लगाने से शुरू हुई थी। शायद उन्हीं की प्रेरणा पाकर इस बार तेलंगाना में बीजेपी के सामान्य कार्यकर्ताओं में भी टिकट पाने की होड़ लग गई है।
कार्यकर्ताओं में टिकट की चाहत देखर बड़े नेता भी हैरान
रविवार तक पार्टी के करीब एक दर्जन वरिष्ठ नेताओं ने ही टिकट के लिए आवेदन किया था। इनमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार का नाम शामिल नहीं है। अभी रेड्डी सिकंदराबाद से और संजय करीमनगर से सांसद हैं। लेकिन, सामान्य कार्यकर्ताओं में टिकट के लिए जो जोश दिखा है, वह देखकर बड़े नेता भी हैरान हैं।
समर्थकों के साथ आवेदन के लिए पहुंचे थे ऐसे कार्यकर्ता
पार्टी के एक बड़े नेता ने कहा है, 'जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर जिला स्तर के नेताओं तक में से कई अपने आवेदन को लेकर काफी उत्साहित थे और वे समर्थकों के साथ पहुंचे थे। हमें इस तरह का रेस्पॉन्स मिलने की उम्मीद नहीं थी।'
'तो हम एमएलए क्यों नहीं बन सकते'
भाजपा सूत्रों के मुताबिक जब कुछ सपोर्ट स्टाफ आवेदन देने के लिए आए थे, तब उनका कहना था कि जब 'चाय वाला' देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, तो वे एमएलए क्यों नहीं बन सकते। एक सूत्र ने जानकारी दी कि 'उनमें से एक ने तो गजवेल और कामारेड्डी के लिए आवेदन दिया है, जहां से मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव बीआरएस के उम्मीदवार होंगे।'
हालांकि, तेलंगाना के लिए पहले अटकलें थीं कि सभी मौजूदा सांसदों को पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कह सकती है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी को इससे टीएमसी के बाद दूसरे स्थान पर रहने में थोड़ी-बहुत मदद मिली थी। लेकिन, तेलंगाना के मामले में यह अनुमान फिलहाल गलत ही साबित हो रहे हैं।
पार्टी की ओर से आवेदन के लिए दी गई अंतिम तारीख तो फिलहाल खत्म हो चुकी है और ज्यादातर बड़े नेता, अभी तक इस प्रक्रिया से दूर ही हैं। वैसे पूर्व विधायक और पार्टी के बड़े नेता नल्लू इंद्रसेना रेड्डी ने बताया है कि 'हमने अभी यह तय नहीं किया है कि क्या आवेदन के लिए डेडलाइन को और बढ़ाया जाएगा।' रेड्डी आवेदन जमा करने के इंचार्ज भी हैं।
अधिकतर सीटों पर कार्यकर्ता ही होंगे बीजेपी उम्मीदवार?
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी एनआरआई समेत सार्वजनिक जीवन में रहने वाले सभी तरह के लोगों को मौका देना चाहती है। ऐसे में यदि पार्टी ने मौजूदा आवेदनों में से ही लिस्ट फाइनल करने का फैसला लिया तो वाकई उसके कई उम्मीदवार बहुत ही साधारण बैकग्राउंड वाले कार्यकर्ता बन सकते हैं। क्योंकि, राज्य में विधानसभा की 119 सीटें हैं और पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है। ऐसे में इतनी संख्या में बड़े नेताओं ने तो टिकट के लिए आवेदन भी नहीं दिया है।












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