तेलंगाना सरकार ने भूमि विवादों के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम, विशेष पैनल गठित करने के निर्देश
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने भमि विवादों के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का वादा किया था। ऐसे में सीएम ए रेवंत रेड्डी ने भूमाथा प्रणाली स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ने इस हफ्ते अधिकारियों को भूमि विवादों का दीर्घकालिक समाधान खोजने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने को कहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने एक पैनल गठित करने का भी निर्देश दिया है।
सचिवालय में बुधवार (13 दिसंबर) को धरणी पोर्टल की समीक्षा में सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई समिति कोनेरू रंगाराव समिति की तर्ज पर होनी चाहिए, जिसका गठन पिछली कांग्रेस सरकार ने किया था। प्रस्तावित समिति ऐसे सुझाव देगी जिससे भूमि संबंधी समस्याओं का स्थाई समाधान हो सके।

रेवंत ने अधिकारियों से कहा कि राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों के अलावा, किसानों के प्रतिनिधियों और भूमि संबंधी मुद्दों के विशेषज्ञों को समिति का सदस्य बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्य सचिव शांति कुमारी को धरनी के शुरुआती दिन से दिसंबर के पहले सप्ताह तक सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने राजस्व प्रशासन के विकेंद्रीकरण का सुझाव दिया। लच्छी रेड्डी ने अधिक पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल पोर्टल का सुझाव दिया और कहा कि ग्रामीण स्तर पर "राजस्व साधसु" का संचालन आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि संबंधित मुद्दों के साथ भूमि सर्वेक्षण संख्याओं का प्रदर्शन ग्राम स्तर पर किया जाना चाहिए।
सीएम ने अधिकारियों को ये निर्देश धरणी पोर्टल की समीक्षा के दौरान दिया। दरअसल, मीटिंग में कोडंडारेड्डी, वेम नरेंद्र रेड्डी और संपत कुमार सहित किसानों के प्रतिनिधियों और राजस्व संघ के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया था।
बैठक के दौरान डिप्टी कलेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष वी लच्छी रेड्डी ने धरणी पोर्टल की विफलताओं पर एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। मीटिंग में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा, राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।












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