Telangana: 'कांग्रेस पार्टी के डीएनए में आपातकाल', शहजाद पूनावाला ने रेवंत रेड्डी पर साधा निशाना
Telangana: भाजपा ने तेलंगाना में दो महिला पत्रकारों की गिरफ्तारी और कथित तौर पर धमकी देने के मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कड़ी आलोचना की हैं। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी पर मीडिया के अधिकारों पर हमला करने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो जारी करके कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी के डीएनए में 'इमरजेंसी' है।

Telangana: शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर साधा निशाना
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए में पूनावाला ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, "कांग्रेस पार्टी के डीएनए में आपातकाल है। ठीक उसी तरह जैसे पार्टी ने हमेशा मीडिया के अधिकारों पर हमला किया है। इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान सेंसरशिप लगाई थी। नेहरू ने पहला संशोधन पेश किया, जिसने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगा दिया। मजरूह सुल्तानपुरी को जेल भेज दिया गया। राजीव गांधी ने मीडिया का विरोध करने वाले दो बिल पेश किए"।
इस दौरान उन्होंने तेलंगाना की उस घटना की ओर भी इशारा किया जिसमें एक महिला पत्रकार को कथित तौर पर किसानों की दुर्दशा को बताने के बाद गिरफ्तार किया गया था। पूनावाला ने कांग्रेस के मुख्यमंत्री (रेवनाथ रेड्डी) पर आरोप लागाया और कहा कि सीएम उन यूट्यूबर्स को जींदगी बर्बाद करने की धमकी दे रहे हैं।
BJP प्रवक्ता ने प्रेस की स्वतंत्रता पर कांग्रेस पार्टी के रुख की स्थिरता पर भी सवाल उठाया और मुख्यमंत्री की भाषा की निंदा की है? पूनावाला ने कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए पूछा राहुल गांधी प्रेस की स्वतंत्रता प्रेम और लोकतंत्र की बात करते हैं। क्या यही लोकतंत्र की परिभाषा है? क्या यही प्यार की दुकान है? क्या यही प्रेस की आजादी को बढ़ावा देता है,राहुल जी?"
BRS नेता ने कांग्रेस को कहा "असहिष्णु"
इससे पहले भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता कृषांक ने उस्मानिया विश्वविद्यालय में धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने के लिए तेलंगाना सरकार पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार इतनी "असहिष्णु" है कि वे आलोचना भी नहीं सुन सकते। BRS नेता ने एएनआई से बात करते हुए कहा, "तेलंगाना की कांग्रेस सरकार जो लोकतांत्रिक सरकार होने का दावा करती है और उनके नेता राहुल गांधी पूरे भारत में लाल संविधान रखते हैं और उसे दिखाते हैं लेकिन उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक विरोध पर प्रतिबंध लगा दिया है।
आपको बता दें कि उस्मानिया विश्वविद्यालय का तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। ये यूनिवर्सिटी तेलंगाना आंदोलन के विरोध का केंद्र रहा है। इस विश्विद्यालय में वर्तमान कांग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक विरोध पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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