तेलंगाना चुनाव: आखिरकार कांग्रेस और सीपीआई के बीच हुआ सीट बंटवारे को लेकर तय हुआ फार्मूला
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 30 नवंबर को होगा। इस चुनाव में सत्तारूढ़ बीआरएस का प्रमुख प्रतिद्वंदी कांग्रेस पार्टी से होता दिख रहा है। वहीं कई सप्ताह की खींचतान के बाद आखिरकार कांग्रेस और सीपीआई के बीची आगामी चुनावों के लिए सीट-बंटवारे के फॉर्मूले पर सहमति बन गई है।

सीपीआई कोठागुडेम विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी, वहीं कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि वाम दल के दो उम्मीदवार विधान परिषद में पहुंचें।
मकदूम भवन में कांग्रेस और सीपीआई की एक बैठक में यह अहम निर्णय लिया है। जिसमें टीपीसीसी प्रमुख ए रेवंत रेड्डी, तेलंगाना के लिए एआईसीसी के वरिष्ठ चुनाव पर्यवेक्षक दीपा दास मुंशी, सीपीआई सचिव के नारायण और सीपीआई के राज्य सचिव कुनामनेनी संबाशिवा राव शामिल हुए।कांग्रेस और सीपीआई के बीच सीट-बंटवारे के फॉर्मूले पर समझौता होने के बाद दोनों पार्टियों ने एक संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस करके सीटों के बंटवारे के बारे में ऐलान किया।
कांग्रेस और सीपीएम ने बताया वाम दलों और कांग्रेस का साझा उद्देश्य जन कल्याण और राज्य में मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव और केंद्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सत्ता से बेदखल करना है।
सीपीआई के राज्य सचिव कुनामनेनी संबाशिवा राव ने कहा कि तेलंगाना की सत्तारूढ़ बीआरएस के प्रति नकारात्मक भावना है। संबाशिवा ने कहा सीपीआई का इरादा विधायी निकायों में अपनी उपस्थिति का दावा करने का है ताकि वह लोगों की आवाज को बढ़ा सके
केसीआर ने दावा किया ब्रिटिश शासकों द्वारा दिये गये विरोध के अधिकार को भी कुचल दिया जाता है। टीएसआरटीसी में कोई यूनियन नहीं है। क्या लोगों ने दमन झेलने के लिए अलग तेलंगाना हासिल किया? निश्चित रूप से नहीं!












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