शहीद कर्नल संतोष बाबू के घर पहुंचकर CM ने सौंपा 5 करोड़ का चेक, पत्नी बनीं डिप्टी कलेक्टर
नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा के लद्दाख सेक्टर में पिछले डेढ़ महीने से विवाद जारी है। 15-16 जून की रात गलवान घाटी में हुई झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। जिसमें 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू भी शामिल थे। जिसके बाद 19 जून को तेलंगाना के सूर्यपेट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं सोमवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव उनके परिवार वालों से मिलने पहुंचे। साथ ही राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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पत्नी को सौंपा चेक
कर्नल बाबू का परिवार इन दिनों सूर्यपेट जिले में ही रह रहा है। सोमवार को वहां पहुंचे सीएम राव ने उनके परिवार से मिलकर संत्वना व्यक्त की। साथ ही सरकार की ओर से जारी 5 करोड़ की अनुग्रह राशि का चेक उनकी पत्नी को सौंपा। इसके अलावा तेलंगाना सरकार की ओर से कर्नल की पत्नी को हैदराबाद में एक आवासीय भूखंड दिया गया है। इस दौरान सीएम राव ने कहा कि कर्नल बाबू ने इस मिट्टी की रक्षा के लिए अपने जान की कुर्बानी दी। पूरे देश को कर्नल और उनके साथियों पर गर्व है। तेलंगाना सरकार शहीद परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध करवाएगी।

पत्नी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
जिस वक्त कर्नल बाबू शहीद हुए उस वक्त उनकी पत्नी और बच्चे दिल्ली में थे। इसके बाद सूर्यपेट आकर उन्होंने कर्नल बाबू को अंतिम विदाई दी। तेलंगाना सरकार ने उनकी पत्नी को सूर्यपेट की डिप्टी कलेक्टर बनाने का आदेश जारी कर दिया है। कर्नल बाबू के पिता बी उपेंद्र बैंक कर्मचारी थे, जो रिटायर हो चुके हैं। सीएम ने उनसे भी मुलाकात कर दुख व्यक्त किया।

जम्मू-कश्मीर में थी पहली पोस्टिंग
37 साल के कर्नल बाबू का पूरा नाम बिकुमल्ला संतोष बाबू था। वह बचपन से ही सेना में जाना चाहते थे। उन्होंने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए आंध्र प्रदेश के विजियांगराम जिले में स्थित सैनिक स्कूल में एडमिशन लिया। 12वीं तक की पढ़ाई कर्नल बाबू ने रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले इसी सैनिक स्कूल से पूरी की। कर्नल संतोष बाबू साल 2004 में कमीशंड हुए थे और उनकी पहली पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में थी।












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