तेलंगाना: केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी बोले- नेहरू के समय से ही कांग्रेस का हिंदू विरोधी रवैया रहा है
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण अस्वीकार करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय से ही पार्टी का हिंदू विरोधी रवैया रहा है।
हैदराबाद में किशन रेड्डी ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह में तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के शामिल होने का विरोध किया था।

तेलंगाना भाजपा के अध्यक्ष रेड्डी ने कहा, श्री राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राजनीति से परे, देश के सभी राजनीतिक दलों और समाज के सभी वर्गों और प्रमुख व्यक्तियों को निमंत्रण भेजा है, ताकि यह आयोजन किसी एक धर्म तक सीमित न रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समय में जब देश में दिन-ब-दिन आध्यात्मिक माहौल बढ़ रहा है, कांग्रेस असुरक्षा और छद्म धर्मनिरपेक्षता की भावना से व्यवहार कर रही है।
उन्होंने कहा, 'तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू जी ने तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को कई पत्र लिखकर 1951 में सोमनाथ मंदिर की 'प्राण प्रतिष्ठा' में शामिल नहीं होने के लिए कहा था।"
रेड्डी ने दावा किया कि नेहरू ने प्रसाद को पत्र लिखकर कहा था कि उन्हें हिंदू मंदिर के पुनरुद्धार में शामिल नहीं होना चाहिए क्योंकि देश धर्मनिरपेक्ष है।
उन्होंने कहा, नेहरू से लेकर आज तक परिवारवाद की राजनीति करने वाली कांग्रेस का हिंदू विरोधी रवैया रहा है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने "पवित्र कार्यक्रम का विरोध" करके और निमंत्रण को अस्वीकार करके वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए एक बार फिर अपना हिंदू विरोधी रवैया दिखाया है।
उन्होंने कहा, जब इतिहास में अयोध्या में भगवान राम मंदिर के विध्वंस के खिलाफ संघर्ष किया गया था तब भाजपा और आरएसएस अस्तित्व में नहीं थे। उन्होंने कहा, राम मंदिर का अभिषेक अब कोई राजनीतिक कार्यक्रम या हिंदुत्व कार्यक्रम भी नहीं है। उन्होंने कहा, कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है कि अयोध्या का मतलब भारतीय आत्मा का प्रतिबिंब है।












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