Tejas Fighter Jet Cost: तेजस फाइटर जेट की कीमत जान चकरा जाएगा दिमाग, जो दुबई एयर शो हादसे में धूं-धूं कर जला
Tejas Fighter Jet Cost: दुबई एयर शो में 21 नवंबर को भारतीय वायुसेना का तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया। अल मकतूम एयरपोर्ट पर डेमो फ्लाइट के दौरान अचानक आई तकनीकी गड़बड़ी के बाद विमान नीचे गिरा और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। हादसे के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया। एयरफोर्स के पायलट की इस हादसे में मौत हो गई है। भारतीय वायुसेना ने मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित कर दी है।
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि तेजस जेट दूसरी बार हादसे का शिकार हुआ है। इससे पहले 2024 में राजस्थान के पोकरण में युद्धाभ्यास के दौरान इंजन फेल होने की वजह से एक तेजस विमान क्रैश हो चुका है। ऐसे में आइए जानते हैं कि एक तेजस फाइटर जेट की कीमत कितनी है?

🟡Tejas Fighter Jet Price: एक तेजस जेट की कीमत कितनी पड़ती है?
हाल ही में दिए गए 97 जेट के ऑर्डर की कीमत 62,370 करोड़ रुपये है। इससे पहले के 83 जेट 46,898 करोड़ रुपये में खरीदे गए थे। इस तरह 180 जेट पर कुल खर्च लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये बैठेगा। यानी एक तेजस की औसत कीमत करीब 611 करोड़ रुपये पड़ सकती है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक तेजस फाइटर जेट्स की कीमत लगभग 639 करोड़ रुपये बताई गई है।
यह लागत विदेशी लड़ाकू विमानों की तुलना में बेहद कम है। उदाहरण के लिए राफेल जैसे जेट की एक यूनिट कीमत लगभग 2,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।
पुराने वर्जन की कीमतें भी काफी अलग थीं
• IOC Mark-1: लगभग 146 करोड़ रुपये
• FOC Mark-1: लगभग 156 करोड़ रुपये
🟡 तेजस लड़ाकू विमान कैसे बना भारत की एयर पावर की रीढ़?
भारत में तेजस लड़ाकू विमान का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने किया है। एक सीट और एक इंजन वाला यह हल्का फाइटर जेट पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। तेजस 4.5 जनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो हवाई सुरक्षा से लेकर जमीन और समुद्री ऑपरेशन तक हर भूमिका निभाने में सक्षम है।
🟡 तेजस की खासियत और मारक क्षमता
तेजस 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसमें हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी मिसाइल और लेजर-गाइडेड बम लगे हैं। कार्बन फाइबर बॉडी इसे हल्का और मजबूत बनाती है। सेंसर वेव रडार दुश्मन विमान और मिसाइलों की जानकारी देता है। तेजस MK1A इसका आधुनिक वर्जन है, जिसमें और भी एडवांस टेक्नोलॉजी जोड़ी गई है।
🟡 तेजस का विकास और नए वर्जन
तेजस नाम 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था। इसका उत्पादन 2007 में शुरू हुआ और पहली यूनिट 2016 में भारतीय वायुसेना को मिली। जल्द ही तेजस MK2 भी शामिल होगा, जो शक्तिशाली GE F-414 इंजन और स्वदेशी AESA रडार से लैस होगा। यह अस्त्र, ब्रह्मोस-एनजी, रूद्रम-2 और Meteor जैसी मिसाइलें भी दाग सकेगा।












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