'जिस भारत ने बांग्लादेश लिए हजारों सैनिक खोए, आज वो दुश्मन और पाकिस्तान...', तस्लीमा नसरीन ने यूनुस को लताड़ा
Taslima Nasreen on India Bangladesh: पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने बांग्लादेश और उसके पड़ोसी देशों भारत और पाकिस्तान के बीच बदलते संबंधों की कड़ी आलोचना की है। तस्लीमा नसरीन ने पाकिस्तान की ओर बांग्लादेश के झुकाव और बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस की जमकर आलोचना की है।
तस्लीमा नसरीन ने बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संबंधों पर अपनी निराशा व्यक्त की। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में तस्लीमा नसरीन ने बताया कि कैसे भारत ने बांग्लादेश के लिए अपने हजारों सैनिकों का त्याग किया। उनके लाखों शरणार्थियों को अपने यहां जगह दी और आज वो भारत को दुश्मन मान बैठे हैं। तस्लीमा नसरीन ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों को भी अपने पोस्ट में गिनवाया। उन्होंने भारत के साथ बांग्लादेश के ऐतिहासिक संबंधों पर बात की।

'भारत के 17,000 सैनिकों ने बांग्लादेश को पाकिस्तान से बचाया आज वो दुश्मन हैं'
लेखिका तस्लीमा नसरीन ने शुक्रवार (6 दिसंबर 2024) को सोशल मीडिया एक्स (ट्विटर का बदला हुआ नाम) पर लिखा,
''जिस भारत के 17,000 सैनिकों ने बांग्लादेश को उसके दुश्मन पाकिस्तान से बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी, अब उसी भारत को दुश्मन माना जा रहा है। जिस भारत ने 10 मिलियन शरणार्थियों को आश्रय, भोजन और कपड़े दिए, वह अब दुश्मन बन गया है। जिस भारत ने बांग्लादेश को पाकिस्तानी सेना से बचाने के लिए हथियार और प्रशिक्षण स्वतंत्रता सेनानियों को दिया, वह अब दुश्मन माना जाता है। और जिस पाकिस्तान ने 3 मिलियन लोगों को मार डाला और 200,000 महिलाओं के साथ बलात्कार किया, वह अब दोस्त बन गया है। आतंकवादियों को पैदा करने में नंबर एक पर रहने वाला पाकिस्तान अब दोस्त माना जा रहा है। जिस पाकिस्तान ने 1971 के अत्याचारों के लिए बांग्लादेश से अभी तक माफी नहीं मांगी है, वह अब एक मित्र राष्ट्र माना जाता है।''
पुजारी चिन्मय कृष्ण दास के गिरफ्तारी पर भी तस्लीमा नसरीन ने उठाए थे सवाल
तस्लीमा नसरीन ने पूर्व इस्कॉन के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और जमानत देने में देरी की भी आलोचना की थी। तस्लीमा नसरीन ने इसे "हिंदू घृणा" का सबूत बताया था। लेखिका ने तर्क दिया था कि उन्हें लगातार हिरासत में रखना "उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन करने और हिंदू जागरण को कमजोर करने" का प्रयास था।
तस्लीमा नसरीन ने एक्स से बात करते हुए कहा,
"चिन्मय कृष्ण दास के लिए बांग्लादेश में कोई वकील नहीं है। जिहादियों की भूमि में हिंदू घृणा को समझने के लिए यह वाक्य ही काफी है। चिन्मय कृष्ण दास के वकील को पीटा गया और अस्पताल भेजा गया। यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए गए हैं कि कोई भी चिन्मय कृष्ण दास का बचाव न करे। चिन्मय के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। चिन्मय को जेल में रखने का उद्देश्य उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन करना और हिंदू जागरण को कमजोर करना है। जिहादी अपनी भूमि को हिंदुओं से मुक्त करना चाहते हैं। वे अपने लक्ष्य की ओर काम कर रहे हैं।"
भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ रहा है तनाव
भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं, खासकर उन रिपोर्टों के बाद, जिनमें कहा गया है कि मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को 5 अगस्त के बाद से 200 से अधिक हमलों का सामना करना पड़ा है। ये हमले प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के गिरने और मुहम्मद यूनुस के सत्ता संभालने के बाद हुए हैं। बांग्लादेश भारत से दूर होता दिख रहा है, जबकि पाकिस्तान के साथ उसके संबंध और भी घनिष्ठ होते जा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications