'पैगंबर मुहम्मद जीवित होते तो मुस्लिम कट्टरपंथियों का पागलपन देख चौंक जाते...',विरोध देख गुस्साईं तसलीमा नसरीन
'अगर पैगंबर मुहम्मद जीवित होते तो 'मुस्लिम कट्टरपंथियों' का पागलपन देख चौंक जाते ...', विरोध देख गुस्साईं तसलीमा नसरीन
नई दिल्ली, 11 जून: भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर मुहम्मद टिप्पणी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने ट्वीट कर कहा है कि अगर पैगंबर मुहम्मद आज जीवित होते, तो दुनिया भर में 'मुस्लिम कट्टरपंथियों' के पागलपन को देखकर चौंक जाते। लेखिका तसलीमा नसरीन अपने इन बयानों को लेकर विवादों में घिर गई हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर तसलीमा नसरीन के इन बयानों की आलोचन की है।
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भारत के विरोध प्रदर्शन पर गुस्साईं लेखिका
लेखिका तसलीमा नसरीन का यह बयान तब आया, जब शुक्रवार (10 जून) को भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जिसके बाद कई जिलों में इंटरनेट की सेवाएं बंद कर दी गईं। तसलीमा नसरीन ने ट्वीट कर कहा, ''अगर पैगंबर मुहम्मद आज भी जीवित होते तो दुनिया भर के मुस्लिम कट्टरपंथियों का पागलपन देखकर चौंक जाते।''

'कोई मसीहा नहीं, कोई पैगंबर नहीं, कोई भगवान नहीं....'
अपने एक अन्य ट्वीट में लेखिका तसलीमा नसरीन ने कहा, ''कोई भी आलोचनाओं से ऊपर नहीं है, कोई इंसान नहीं, कोई संत नहीं, कोई मसीहा नहीं, कोई पैगंबर नहीं, कोई भगवान नहीं। दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए आलोचनात्मक जांच जरूरी है।'' बता दें कि मुस्लिम लेखिक तसलीमा नसरीन खुद को नास्तिक कहती हैं।

रांची में हिंसक प्रदर्शन में 2 की मौत
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा और निष्कासित नेता नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर मुहम्मद पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के खिलाफ शुक्रवार (10 जून) की नमाज के बाद रांची में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। रांची में हुई हिंसा के बाद राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में कई घायलों को एडमिट कराया गया था, उन्ही में से दो शख्स की मौत हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों में भी जुमे की नमाज के बाद पथराव और कई वाहनों में आग लगाने और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।

'मुसलमानों को गैर-मुसलमानों के साथ रहना सीखना चाहिए...'
इससे पहले लेखिका तसलीमा नसरीन ने अपने एक ट्वीट में कहा था, ''कराची के कोरंगी इलाके के मारी माता मंदिर में बुधवार (09 जून) को देवी-देवताओं की मूर्तियों पर हमला किया गया। न केवल पाकिस्तान में बल्कि बांग्लादेश में भी असहिष्णुता बढ़ रही है। मुसलमानों को गैर-मुसलमानों के साथ रहना सीखना चाहिए और उन्हें इंसानों के रूप में सम्मान देना चाहिए।''

भारत के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद
जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर झारखंड के रांची और पश्चिम बंगाल के हावड़ा में सभी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और सहारनपुर में पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया। वहीं दिल्ली में जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ देखी गई।
एहतियात के तौर पर भद्रवाह और किश्तवाड़ कस्बों और श्रीनगर शहर में भी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। कश्मीर के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बाद तैयार रहने और सतर्क रहने को कहा है।

टीवी से शुरू हुआ नूपुर शर्मा का विवाद
भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने टेलीविजन बहस के दौरान पैगंबर मुहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद देश भर के मुस्लिम संगठनों ने नूपुर शर्मा की कड़ी आलोचना की। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने शुक्रवार को मुस्लिम विद्वानों से उन टेलीविजन चैनलों की बहस में भाग नहीं लेने की अपील की, जिनका मकसद सिर्फ इस्लाम का मजाक उड़ाना और मुसलमानों का मजाक उड़ाना है।












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