बैंक में जमा किए 246 करोड़, अब देना होगा 45 फीसदी टैक्स
नमक्कल जिले में रहने वाले एक अकेले ही शख्स ने 246 करोड़ रुपए के पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बैंक खाते में जमा किए थे। अब इस शख्स को 45 फीसदी का टैक्स चुकाना होगा।
चेन्नई। पिछले साल 8 नवंबर को मोदी सरकार की तरफ से नोटबंदी का ऐलान किए जाने के बाद तमिलनाडु और पुडुचेरी में 200 से भी अधिक लोगों और कंपनियों ने 600 करोड़ रुपए जमा किए थे। ये 600 करोड़ रुपए 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों में जमा किए गए थे। इनमें से अधिकतर बैंक खाते तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में थे। नमक्कल जिले में रहने वाले एक अकेले ही शख्स ने 246 करोड़ रुपए के पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बैंक खाते में जमा किए थे। इस शख्स ने 246 करोड़ रुपए जमा तो कर दिए थे, लेकिन अब इसे इस पर 45 फीसदी का टैक्स चुकाना होगा।

यह पैसे नमक्कल जिले के तिरुचेंगोड़ में इंडियन ओवरसीज बैंक की एक शाखा में जमा किए गए थे। एक आयकर अधिकारी ने बताया कि जब उन्हें यह पता चला कि इंडियन ओवरसीज बैंक की ग्रामीण शाखा में इतनी भारी मात्रा में कैश जमा किया गया है तो उन्होंने 15 दिनों तक यह पैसे जमा कराने वाले शख्स का पीछा किया। काफी समय तक वह छुपता रहा, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत इन पैसे पर 45 फीसदी टैक्स देने के लिए राजी हो गया। आपको बता दें इसके अलावा बची रकम में से 25 फीसदी रकम सरकार के पास रहेगी, जिस पर कोई ब्याज भी नहीं मिलेगा। ये भी पढ़ें- अनाथ बच्चों को घर में तकिए में भरे पड़े मिले 96 हजार रुपए, लेकिन सरकार इन्हें कर चुकी है बैन
आयकर अधिकारी के अनुसार बहुत से लोगों और कंपनियों ने माना है कि उनके धन बेहिसाबी का धन है और उसे उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जमा करने के लिए सहमति जताई है। आपको बता दें कि सरकार की यह स्कीम 31 मार्च को खत्म हो रही है। अधिकारी के अनुसार महीने के अंत तक आयकर विभाग के पास कुल 1000 करोड़ रुपए की बिना हिसाब-किताब वाली रकम आने की उम्मीद है। आपको बता दें कि आयकर विभाग को देशभर में करीब 85 लाख संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है।












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