अनाथ बच्चों को घर में तकिए में भरे पड़े मिले 96 हजार रुपए, लेकिन सरकार इन्हें कर चुकी है बैन
7 मार्च को दोनों बच्चे अपने उस बंद पड़े घर गए, जो कोटा से करीब 60 किलोमीटर दूर सरवाड़ा गांव में है। वहां उन्होंने देखा कि उनकी मां ने एक तकिए में 96,500 रुपए छुपा के रखे थे।
नई दिल्ली। हाल ही में कोटा में रहने वाले एक बच्चे ने पीएम मोदी को पत्र लिख कर गुहार लगाई है कि उसके पास पड़े पुराने नोटों को बदल दिया जाए। इस लड़के के पास 96,500 रुपए के पुराने नोट हैं। दरअसल, 2007 में जब यह बच्चा सात साल का था और उसकी छोटी बहन दो साल की, तभी इनके पिता ने इन्हें छोड़ दिया था। कुछ साल बाद 2013 में इनकी मां की भी गाड़ी से कुचल कर हत्या कर दी गई। फिलहाल यह दोनों अनाथ बच्चे कोटा चाइल्ड केयर होम में रहते हैं। लड़के की उम्र 17 साल है और छोटी बहन की उम्र 12 साल है।

7 मार्च को दोनों बच्चे अपने उस बंद पड़े घर गए, जो कोटा से करीब 60 किलोमीटर दूर सरवाड़ा गांव में है। वहां उन्होंने देखा कि उनकी मां ने एक तकिए में 96,500 रुपए छुपा के रखे थे, लेकिन दिक्कत की बात यह है कि यह पैसे पुराने 1000 और 500 रुपए के नोट हैं, इसलिए दोनों इसका कोई इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। 22 मार्च को भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से कोई मदद न मिलने के बाद अब उस लड़के ने एक खुला पत्र लिखा है, जिसे उन्होंने पीएम मोदी के ऑफिस में भी मदद के लिए भेजा है। ये भी पढ़ें- कहीं आप को तो नहीं ब्लू लाइट के ओवरडोज की बीमारी?
हिंदी में लिखे एक पन्ने के पत्र में बच्चे ने लिखा है- मोदीजी, कृपया हमारे मन की बात सुनिए। हमारे आगे पीछे कोई नहीं। जब हम छोटे थे तभी हमारे पिता ने हमें छोड़ दिया और हमारी मां की भी हत्या कर दी गई है। हम पैसे दोबारा सरकार के पास जमा करना चाहते हैं। कृपया जितनी जल्दी हो सके हमारी मदद करें। यह पैसे एक तकिए में भरे हुए थे और इस तकिए को एक ट्रंक में रखा हुआ था।
बच्चा कहता है कि अगर यह पैसे सरकार बदल देती है और इन्हें वह फिक्स डिपॉजिट में जमा कर देगा, जो भविष्य में उसकी छोटी बहन के काम आएंगे। जहां एक ओर लड़के ने अभी तक ऐसा कुछ नहीं सोचा है कि उसे क्या बनना है, वहीं दूसरी ओर कक्षा 3 में पढ़ने वाली उसकी छोटी बहन को अंग्रेजी पसंद है और वह बड़ी होकर अध्यापिका बनना चाहती है।












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