तमिलनाडु: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल आरएन रवि को विधेयकों को मंजूरी देने में देरी पर लगाई जमकर फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने राज्यपाल आरएन रवि के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने जनवरी 2020 से उनके समक्ष लंबित विधेयकों को मंजूरी देने में देरी पर उन्हें फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल की निष्क्रियता चिंता का विषय है।
सुप्रीम कोर्ट का बयान तब आया है जब तमिलनाडु के राज्यपाल ने 10 बिल लौटाए जाने के बाद आया है। इसके बाद राज्य सरकार ने एक विशेष विधानसभा सत्र बुलाया और बिलों को फिर से पास किया।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की बेंच ने इस तथ्य पर नाराजगी व्यक्त की। राज्यपाल ने पंजाब सरकार के मामले में 10 नवंबर के आदेश के बाद ही लंबित विधेयकों पर कार्रवाई की।
कोर्ट ने कहा कि हमारी चिंता यह है कि हमारा आदेश 10 नवंबर को पारित किया गया था। ये बिल जनवरी 2020 से लंबित हैं। इसका मतलब है कि राज्यपाल ने अदालत के नोटिस जारी करने के बाद निर्णय लिया। राज्यपाल तीन साल तक क्या कर रहे थे?
तमिलनाडु सरकार द्वारा पीठ को सूचित करने के बाद कि विधानसभा ने शनिवार को आयोजित एक विशेष सत्र में 10 विधेयकों को फिर से पेश किया। अदालत ने मामले को 1 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया। राज्यपाल के समक्ष 15 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विधानसभा द्वारा दोबारा पारित किए गए दस विधेयक भी शामिल हैं।
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