प्राइवेट स्कूल में 17 वर्षीय छात्रा की मौत, तमिलनाडु में हिंसा-आगजनी के बाद धारा 144, CM ने मांगी रिपोर्ट
12वीं कक्षा की छात्रा की मौत से आक्रोशित लोगों ने जांच की मांग की है। छात्रा की मौत से भड़के लोगों ने इंसाफ के लिए तमिलनाडु में हिंसा और आगजनी का सहारा लिया है।
चेन्नई, 17 जुलाई : तमिलनाडु में स्कूली छात्रा की मौत (Chennai School girl) से आक्रोशित लोगों ने सड़कों पर हिंसा का सहारा लिया है। कल्लाकुरिची में स्कूली बसों में आग लगाने का वीडियो सामने आया है। स्थानीय लोग छात्रा की मौत मामले में जांच और इंसाफ की मांग कर रहे हैं। घटना कल्लाकुरिची जिले के चिन्ना सलेम के पास कनियामूर में एक प्राइवेट आवासीय स्कूल की है। खबरों के मुताबिक 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा की मौत स्कूल परिसर में हुई। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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धारा 144 लागू
कल्लाकुरिची जिला कलेक्टर पीएन श्रीधर ने बताया कि आक्रोशित लोगों की ओर से हिंसा और पथराव के बाद कल्लाकुरिची (Kallakurichi), चिन्नासलेम (Chinnasalem), नैनार पलायम (Nainar Palayam) तालुक में धारा 144 लागू की गई है। समाचार एजेंसी एएनआई ने कल्लाकुरिची हिंसा की जो तस्वीरें जारी की हैं, वे विचलित करने वाली हैं। कनियामूर में छात्रों द्वारा बसों में आग लगाने के बाद स्कूल परिसर से धुआं निकलता दिखा।
बसों में लगाई आग
तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में हिंसा के संबंध में समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक एक स्कूल में प्रवेश करने वाले प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का सहारा लिया है। बसों में आग लगा दी गई। तोड़फोड़ के कारण स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। आक्रोशित लोगों ने 12वीं कक्षा की एक लड़की की मौत के मामले में इंसाफ की मांग की है।
दोबारा पोस्टमार्टम की मांग
कल्लाकुरिची हिंसा पर तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सी सिलेंद्र बाबू ने बताया, स्कूली छात्रा की प्राकृतिक कारणों से मौत हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज किया है। माता-पिता ने एक और पोस्टमॉर्टम के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। लोगों का छोटा समूह स्कूल में विरोध करने आया। पुलिस ने व्यवस्था की थाी लेकिन मौत से आक्रोशित स्थानीय लोग बड़ी संख्या में जुटे और हिंसा का सहारा लिया।
हिंसा करने वालों पर कार्रवाई
डीजीपी सी सिलेंद्र बाबू ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध के बजाय लोगों ने हमला करना शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि 500 अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को मौके पर तैनात किया गया है। सी सिलेंद्र बाबू के मुताबिक पुलिस स्कूल पर हमला करने वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस वीडियो फुटेज की पड़ताल कर रही है।
सरकार ने मांगी रिपोर्ट
कल्लाकुरिची हिंसा पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ट्वीट किया, हिंसा चिंतित करती है। छात्रा की मौत पर पुलिस जांच समाप्त होने के बाद आरोपी को दंडित किया जाएगा। डीजीपी और गृह सचिव को कल्लाकुरिची जाने का निर्देश दिया गया है। सीएम स्टालिन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। इसके अलावा तमिलनाडु स्कूल शिक्षा विभाग ने कल्लाकुरिची के मुख्य शिक्षा अधिकारी को 12वीं कक्षा की छात्रा की मौत मामले में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी
तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में 12वीं कक्षा की छात्रा की मौत के बाद हिंसक विरोध पर दी हिंदू की रिपोर्ट में बताया गया, कई चोटों के कारण ब्लीडिंग और सदमे से छात्रा की मौत हुई। इस रिपोर्ट के बाद छात्रों और स्थानीय लोगों का गुस्सा उबल पड़ा और आक्रोशितों ने स्कूली बसों समेत पुलिस बस में भी आग लगा दी। आक्रोशितों ने पथराव भी किए। इसमें पुलिस उप महानिरीक्षक (विल्लुपुरम रेंज) एम. पांडियन सहित 20 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हो गए। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने दो बार हवा में गोलियां भी चलाईं।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले डिटेल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट
दी हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले की रहने वाली पीड़िता बुधवार तड़के छात्रावास परिसर में मृत पाई गई थी। लड़की के परिजनों और रिश्तेदारों ने पोस्टमार्टम के बाद उसकी मौत में गड़बड़ी का आरोप लगाया। शव लेने से इनकार करते हुए माता पिता ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक लड़की की पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि पीड़िता की मौत का कारण कई चोटें, रक्तस्राव और सदमा है। खबर के मुताबिक सभी चोटें पोस्टमॉर्टम से पहले की (ante-mortem) और ताजा हैं। डॉक्टरों ने विसरा के रासायनिक विश्लेषण की रिपोर्ट आने तक मौत का असली कारण को लेकर अपनी अंतिम राय सार्वजनिक नहीं की है।
करीब दो हजार लोग स्कूल में घुसे
घटना की गहन जांच की मांग को लेकर परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और स्थानीय लोग पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को, बड़ी संख्या में छात्रों और स्थानीय लोगों ने चिन्ना सलेम-कल्लाकुरिची रोड पर यातायात बाधित कर दिया। कनियामूर में प्राइवेट स्कूल की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे लोगों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ कर पथराव शुरू कर दिया। करीब दो हजार लोगों की भीड़ स्कूल परिसर में घुस गई और बसों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सभी दिशाओं से पथराव किए। स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
स्कूल में तोड़ फोड़
न्यूज18डॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने हाथों में हथौड़े भी ले रखे थे। एक कार को पलटने के बाद इसे हथौड़े से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कई प्रदर्शनकारी स्कूल की छत पर पहुंचने में कामयाब रहे। स्कूल के नाम वाले बोर्ड में तोड़फोड़ की गई। स्कूल के फर्नीचर और अलमारी जैसी चीजों को भी क्षतिग्रस्त किया गया। इस रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों में एक युवा संगठन के स्वयंसेवक भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर न्याय के लिए एकजुटता की अपील के बाद लोग बड़ी संख्या में कल्लाकुरिची में जमा हुए। आंदोलनकारियों की ओर से पथराव के बाद कई वर्दीधारियों ने पत्थरों को उठाकर भीड़ पर वापस फेंकते भी दिखे।
13 जुलाई को मौत, सीबी-सीआईडी जांच की मांग
छात्रावास की तीसरी मंजिल पर रहने वाली लड़की की मौत के मामले में संदेह जताया जा रहा है कि उसने छत से कूदकर खुदकुशी कर ली। 'इंटरनेशनल' स्कूल के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए मृतका के परिजनों ने कार्रवाई की मांग की है। 13 जुलाई को हुई मौत के बाद लगातार चार दिनों से धरना दिया जा रहा है। पीड़ित पक्ष को एक राजनीतिक संगठन और एक वामपंथी पार्टी की युवा शाखा का समर्थन भी मिला है। सीबी-सीआईडी जांच के अलावा लड़की की मौत के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।












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