आर्ट आॅफ लिविंग वाॅलंटियर्स को मिल रही तालिबान की धमकियां

पाकिस्तान के अधिकारियों का इन धमकियों के बारे में सूचित कर दिया गया है। धमकी भरे काॅल्स आने की शुरूआत आठ मार्च को हुई जब ईस्लामाबाद के बाहरी इलाके बनी-गाला स्थित आर्ट आॅफ लिविंग सेंटर को 15 बंदूकधारियों ने आग लगाकर नष्ट कर दिया।
पिछले 13 वर्षों से तनाव प्रबंधन तकनीक, श्वास विधि व योगासन आदि सिखाए जा रहे हैं, जो कि विशुद्ध रूप से धर्मनिरपेक्ष है। आर्ट आॅफ लिविंग के पाकिस्तान में दस हजार सदस्य हैं। आर्ट आॅफ लिविंग सदैव ही पाकिस्तान व अन्य इस्लामिक देशों में विभिन्न कार्यक्रम करवाने के लिए धर्म व धार्मिक भावनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील रहा है। अधिकतर मुस्लिमस को इन कार्यक्रमों से कोई भी आपत्ति नहीं है। कुछ मौलवियों ने भी यह कार्यक्रम किए हैं और शांति बहाली के उपायों की सराहना की है। आर्ट आॅफ लिविंग के सत्रह शांतिदूत एक विश्व परिवार की भावना पैदा करने हेतु विभिन्न समुदायों में कार्य कर रहे हैं ताकि शांति और सामंजस्य को बरकरार रखा जा सके।
पूर्व में आर्ट आॅफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने तालीबान नेताओं को निमंत्रण पत्र भी भेजा था ताकि दक्षिण एशिया में शांति स्थापित हो सके और यह अधिक सांमजस्यपूर्ण क्षेत्र बने।
श्री श्री ने पाकिस्तान की सन् 2004 और 2012 में यात्रा की। पाकिस्तान की जनता व मीडिया ने खुले दिल से उनका स्वागत व स्तकार किया। पिछले 13 सालों से आर्ट आॅफ लिविंग पाकिस्तान व भारत के लोगों को इकट्ठा लाने व शांति निर्माण प्रक्रिया को विभिन्न सेवा प्रोजेक्टस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कांफ्रेस व संवादों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
पिछले कुछ सालों में बहुत से पाकिस्तानी नागरिक आर्ट आॅफ लिविंग सेंटर आए हैं। एक दूसरे की अच्छाई की भावना हेतु दोनो देशों के प्रतिनिधियों ने दोनो ही देशों का दौरा भी किया है। अप्रेल 2009 में आर्ट आॅफ लिविंग पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के दौरान विस्थापित हुए स्वात वैली के लोगों को सहायता पहुंचाई।
2005 में आए भूकंप व 2010 में आई बाढ़ के दौरान भी आर्ट आॅफ लिविंग के वाॅलंटियर्स ने लगभग एक लाख लोगों को ट्रोमा रीलिफ कैंप, मैडिकल कैंप और भोजन वितरण केंद्रों द्वारा राहत पहुंचाई व उन्हें पुर्नवास प्रदान किया।












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