तालिबान ने भारत में रह रही अफगानी महिला को क्यों सुनाया 'मौत का फरमान', जानिए
नई दिल्ली, 25 अगस्त: तालिबान ने चार साल पहले अफगानिस्तान छोड़कर भारत आई एक अफगानी महिला के लिए सार्वजनिक रूप से 'मौत का फरमान' जारी कर दिया है। जब उस महिला को पता चला था कि उसका पति तालिबान का सक्रिय आतंकी है तो उसने उसे तलाक दे दिया था। हालांकि, इसके लिए उसे बहुत कठिन संघर्ष करना पड़ा। इसके लिए उसके परिवार वालों को प्रताड़ित किया गया, धमकियां दी गईं। लेकिन, फिर भी वह जान हथेली पर रखकर अपनी दो बेटियों के साथ भारत आने में कामयाब हो गई थी। उसकी दो बेटियों को पहले ही उसका पति तालिबान को सौंप चुका था, जिसके बारे में उसे अब कोई जानकारी नहीं है।

तालिबान ने जारी किया 'मौत का फरमान'
न्यूज एजेंसी आईएएनएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अफगानी महिला हयात (बदला हुआ नाम) इस समय दिल्ली में अपनी दो बेटियों के साथ रह रही है। उसकी दो और बेटियां हैं, जिसे उसके शौहर ने तालिबान के हाथों पहले ही बेच दिया था। हयात के मुताबिक अब तालिबान ने उसकी मौत का फरमान जारी कर दिया है, इसलिए उसे अफगानिस्तान वापस जाने से डर लग रहा है। पति को तलाक देने के चलते तालिबान ने ऐसा ऐलान किया है। गौरतलब है कि जबसे तालिबान ने दोबारा काबुल पर कब्जा किया है, महिलाओं में उसको लेकर सबसे ज्यादा खौफ है और यही वजह है कि हजारों अफगानिस्तानी मुल्क छोड़कर भाग रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान के आतंकवादी घर-घर जाकर महिलाओं और लड़कियों की तलाशी ले रहे हैं और उन्हें निकाह करने के नाम पर जबरन उठा ले रहे हैं। (पहली तस्वीर- प्रतीकात्मक)

पति ने तालिबान को सौंप दी थी दो बेटियां
हयात तालिबान के डर से इस समय दिल्ली में एक जिम ट्रेनर के रूप में काम कर रही है, जिसकी मदद से उसने अपने लिए एक घर भी बना लिया है, जहां वह अपनी दो बेटियों के साथ रहती है। न्यूज एजेंसी से बातचीत में उसने अपना वह दर्द बयां किया है किस तरह से उसके शौहर ने पहले उसकी दो बेटियों को तालिबान के हाथों बेच दिया था। अभी उसके साथ जो दो बेटियां रह रही हैं, उनकी उम्र 13 और 14 साल है। उसने बताया कि शादी के बाद उसे पता चला कि उसका पति तालिबान का सदस्य है। उसने कहा, 'मेरे शौहर ने मुझे चार बार छुरा घोंपने की कोशिश की, जिसके निशान अभी भी मेरे सिर, गर्दन और उंगलियों पर दिखाई दे रहे हैं।' वो बोली कि 'मुझे अपनी उन दोनों बेटियों की जानकारी नहीं है, जिसे तालिबान के हाथों बेच दिया गया था। मेरे पति ने मुझसे कहा था कि वह मेरी बाकी दोनों बेटियों को भी बेच देगा, जिसके बाद मैं अपनी जान बचाने के लिए अफगानिस्तान छोड़ने को मजबूर हो गई।'

तालिबान के डर से अपने देश नहीं लौटना चाहती
जब हयात से पूछा गया कि क्या वह अफगानिस्तान लौटना चाहेगी तो उसने कहा कि वह कभी भी अपने देश वापस नहीं जाना चाहेगी। उसके मुताबिक 'तालिबान ने मेरे लिए 'मौत का फरमान' जारी किया है। वे मेरी बाकी दो बेटियों को भी ले जाएंगे। आतंकी संगठन ने कहा है कि 'बच्चों को खरीदने में पैसे खर्च हुए हैं, अब वे हमारे हैं'। अपनी बेटियों की जान को खतरा होने के डर से मैं अफगानिस्तान नहीं लौट सकती।' जब उससे पूछा गया कि वह अफगानिस्तान से कैसे भाग निकली तो उसने कहा, 'उस समय अफगानिस्तान तालिबान के कब्जे में नहीं था। मैंने वीजा के लिए अप्लाई किया, उससे पहले मैं एकबार भारत आई थी, इसलिए मुझे इसकी थोड़ी जानकारी थी। कई लोगों ने मेरी बहुत मदद की।'












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