Tahawwur Rana News: US से प्रत्यर्पण के बाद तिहाड़ जेल Tahawwur Rana का ठिकाना? क्या है व्यवस्था? वर्चुअल पेशी
Tahawwur Rana News: 26/11 मुंबई आतंकी हमलों (26/11 Mumbai Terror Attack) से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आई है। अमेरिका से प्रत्यर्पित किए गए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को दिल्ली स्थित भारत की सबसे मजबूत जेल यानी तिहाड़ में रखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, तिहाड़ जेल में उसकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
राणा पर दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत में मुकदमा चलेगा, इसलिए उसे मुंबई नहीं भेजा जाएगा। आपको बता दें कि राणा, 166 से ज्यादा लोगों की मौतों का मास्टरमाइंड है, जो भारत की सबसे काली रातों में से एक मानी जाती है।

भारत कैसे लाया जा रहा तहव्वुर राणा?
भारत ने पांच साल पहले अमेरिका से उसका प्रत्यर्पण मांगा था। हालांकि राणा ने कानूनी लड़ाई लड़कर प्रत्यर्पण को चुनौती दी, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने फरवरी 2025 में ऐलान किया कि राणा को भारत भेजा जाएगा।
राणा को लेकर विशेष विमान, खुफिया और जांच अधिकारियों की एक विशेष टीम के साथ, बुधवार को भारतीय समयानुसार शाम करीब 7:10 बजे रवाना हुआ। उसके गुरुवार, यानी 10 अप्रैल 2025 की दोपहर तक भारत की जमीन पर उतरने की उम्मीद है। राणा के दिल्ली पहुंचने के बाद उसे आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा और तिहाड़ जेल में रखा जाएगा, जहां उसके रहने की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राणा के प्रत्यर्पण के मद्देनजर केंद्रीय कारागार के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रत्यर्पण अभियान की निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ-साथ एनआईए और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
अब दिल्ली में क्यों चलेगा केस? वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी?
पहले इस केस की सुनवाई मुंबई में हो रही थी, लेकिन अब अदालत ने मुंबई ट्रायल रिकॉर्ड वापस मंगवा लिए हैं, क्योंकि अब मुकदमा दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में चलेगा। यह मामला अब एनआईए की विशेष अदालत में सुना जाएगा।
चूंकि गुरुवार (10 अप्रैल) को महावीर जयंती की वजह से अदालत बंद है, इसलिए राणा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जा सकता है या जज के घर पर पेश किया जा सकता है।
लोगों की प्रतिक्रिया क्या है?
विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने इसे 'न्याय और भारत-अमेरिका सहयोग के लिए सकारात्मक विकास' बताया है। वहीं 26/11 के हीरो मोहम्मद तौफीक उर्फ छोटू, जिन्होंने हमले के दौरान कई लोगों की जान बचाई थी, ने कहा - 'भारत को कसाब जैसी सुविधाएं (सेल, बिरयानी) नहीं देनी चाहिए। आतंकियों को तुरंत फांसी होनी चाहिए।'
Who is Tahawwur Rana: कौन है तहव्वुर राणा?
राणा एक पाकिस्तानी मूल का कारोबारी है जो कनाडा का नागरिक है। वो पाकिस्तान की सेना में पूर्व कैप्टन भी रह चुका है। 2008 के मुंबई हमलों की योजना में उसका अहम रोल माना गया है। राणा ने अमेरिका में अपनी इमिग्रेशन कंपनी का इस्तेमाल करके डेविड हेडली को फर्जी दस्तावेज दिलाए, जिससे हेडली ने मुंबई में रेकी की और आतंकी हमलों की तैयारी की।
'उसे सेल या बिरयानी देने की कोई जरूरत नहीं', 26/11 के हीरो ने राणा पर कहा
मुंबई के 'चाय वाले' जिसे 'छोटू' के नाम से जाना जाता है, उर्फ मोहम्मद तौफीक, जिसकी सतर्कता ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कई लोगों की जान बचाई थी, ने कहा कि भारत को तहव्वुर राणा को सेल और बिरयानी और सुविधाएं देने की कोई जरूरत नहीं है, जो मुंबई हमलों में शामिल आतंकवादियों में से एक अजमल कसाब को दी गई थीं। तौफीक ने एएनआई से कहा, भारत के लिए, उसे कसाब जैसी सेल, बिरयानी और सुविधाएं देने की कोई जरूरत नहीं है। आतंकवादियों के लिए एक अलग कानून होना चाहिए, एक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे उन्हें 2-3 महीने के भीतर फांसी पर लटका दिया जाए।'












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