Swaraj Kaushal Death Reason: किस वजह से हुई सुषमा स्वराज के पति कौशल स्वराज का निधन? एम्स ले जाते ही टूटी सांस

Swaraj Kaushal Death Reason: देश की राजनीति और कानून जगत से 04 दिसंबर को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल का 73 साल की उम्र में निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनके जाने से परिवार और सांसद बेटी बांसुरी स्वराज ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और कानूनी दुनिया में भी शोक की लहर है।

Swaraj Kaushal Death Reason: आखिर क्या हुआ था उन्हें

4 दिसंबर 2025 की दोपहर स्वराज कौशल को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ते देख परिवार और करीबियों ने तुरंत उन्हें एम्स दिल्ली पहुंचाया। लेकिन अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीजेपी नेताओं के मुताबिक, मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है। हालांकि अधिकारिक तौर पर बेटी ने निधन की वजह पर कुछ नहीं कहा है। उनके निधन को नेचुरल डेथ ही माना जा रहा है। उनका अंतिम संस्कार आज ही दिन लोधी रोड श्मशान घाट पर किया गया।

Swaraj Kaushal Death Reason

🔹 बेटी बांसुरी स्वराज का भावुक संदेश, हर किसी की आंखें भर आईं

पिता के निधन के बाद सांसद बांसुरी स्वराज पूरी तरह टूट गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट लिखते हुए अपने पिता को याद किया। उन्होंने लिखा कि पापा का स्नेह, अनुशासन, सरलता, राष्ट्रप्रेम और धैर्य ही उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी रहे हैं। बांसुरी ने कहा कि पिता की विरासत, उनके संस्कार और उनके आशीर्वाद के सहारे ही वह आगे की जिंदगी तय करेंगी। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें अपने पिता की बेटी होना अपने जीवन का सबसे बड़ा गौरव लगता है।

🔹 कौन थे स्वराज कौशल, जिनकी पहचान सिर्फ सुषमा स्वराज के पति तक सीमित नहीं थी

स्वराज कौशल का जन्म 12 जुलाई 1952 को हिमाचल प्रदेश के सोलन क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल से पढ़ाई की और पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की। वकालत में उन्होंने बहुत कम उम्र में बड़ी पहचान बना ली थी। 34 साल की उम्र में उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर नामित किया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

Swaraj Kaushal Death Reason

🔹 आपातकाल से लेकर मिजोरम शांति समझौते तक निभाई ऐतिहासिक भूमिका

आपातकाल के दौरान उन्होंने जॉर्ज फर्नांडीस जैसे बड़े समाजवादी नेता का अदालत में बचाव किया था। इसके बाद मिजो नेशनल फ्रंट के नेता लालडेंगा की रिहाई में भी उनकी अहम भूमिका रही। मिजोरम में लंबे समय तक चले उग्रवाद को खत्म करने वाले ऐतिहासिक शांति समझौते का मसौदा तैयार करने में भी स्वराज कौशल ने बड़ी भूमिका निभाई थी।

🔹देश के सबसे युवा राज्यपालों में शामिल रहे स्वराज कौशल

साल 1990 में स्वराज कौशल को मिजोरम का राज्यपाल बनाया गया। उस वक्त उनकी उम्र महज 37 साल थी और वह भारत के सबसे युवा राज्यपालों में से एक बने। उनका कार्यकाल 1993 तक रहा। इसके अलावा वे 1998 से 2004 के बीच राज्यसभा सांसद भी रहे और हरियाणा की राजनीति में भी सक्रिय रहे।

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🔹 सुषमा स्वराज से शादी, बेटी बांसुरी स्वराज बनी राजनीति का नया चेहरा

स्वराज कौशल ने 13 जुलाई 1975 को सुषमा स्वराज से विवाह किया था। इस दंपती की एक ही संतान बांसुरी स्वराज हैं, जो इस समय नई दिल्ली से बीजेपी सांसद हैं। बांसुरी ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और इनर टेंपल से बैरिस्टर बनीं। फिलहाल बांसुरी भाजपा सांसद हैं। साल 2019 में सुषमा स्वराज के निधन के बाद स्वराज कौशल ही बांसुरी का सबसे बड़ा सहारा थे, लेकिन अब वह सहारा भी छिन गया।

पीएम मोदी से लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री तक, नेताओं ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वराज कौशल के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने एक वकील और एक जनसेवक के रूप में समाज के लिए बेहतरीन काम किया। पीएम ने कहा कि राज्यपाल और सांसद के तौर पर भी उनकी भूमिका बेहद अहम रही।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई दिग्गज नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। सभी ने यही कहा कि स्वराज कौशल का जीवन न्याय, लोकतंत्र और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा।

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