Suvendu Adhikari Education: कितने पढ़े लिखे हैं बंगाल के होने वाले सीएम सुभेंदु अधिकारी? कौन-कौन सी है डिग्री
Suvendu Adhikari Education and Degree: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा नाम बन चुके सुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) एक बार फिर चर्चा में हैं। भबानिपुर और नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करने वाले BJP नेता सुवेंदु अधिकारी को लोग एक आक्रामक नेता और मजबूत रणनीतिकार के तौर पर जानते हैं। इस बार बीजेपी 207 सीटें जीत कर पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता में आई है।
सुभेंदु अधिकारी बंगाल के सीएम चुने गए हैं। अधिकारी की राजनीति के साथ-साथ उनकी पढ़ाई और डिग्री भी काफी दिलचस्प मानी जाती है। चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी साझा की थी। खास बात यह है कि राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बावजूद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की।

बंगाल की राजनीति में अक्सर नेताओं की पढ़ाई चर्चा का विषय बनती है और इसी बीच सुवेंदु अधिकारी की डिग्री और यूनिवर्सिटी की जानकारी भी लोगों का ध्यान खींच रही है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर राज्य की राजनीति में बड़ा प्रभाव रखने वाले इस नेता ने कहां तक पढ़ाई की है और उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड क्या है।
Suvendu Adhikari Education: पोस्ट ग्रेजुएट हैं सुभेंदु अधिकारी
चुनावी हलफनामे के मुताबिक सुभेंदु अधिकारी पोस्ट ग्रेजुएट हैं और उन्होंने M.A. की पढ़ाई पूरी की है। राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई को बीच में नहीं छोड़ा। यही वजह है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में कई ऐसे नेता हैं जिनकी पढ़ाई लोगों के बीच चर्चा का विषय बनती है और सुभेंदु अधिकारी भी उनमें शामिल हैं। उनका पोस्ट ग्रेजुएट होना यह दिखाता है कि उन्होंने राजनीति के साथ-साथ शिक्षा को भी महत्व दिया।
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किस यूनिवर्सिटी से ली है सुभेंदु अधिकारी ने MA की डिग्री?
सुभेंदु अधिकारी ने साल 2011 में Rabindra Bharati University से M.A. की डिग्री हासिल की थी। यह यूनिवर्सिटी पश्चिम बंगाल की प्रमुख यूनिवर्सिटीज में गिनी जाती है और कला, संस्कृति व सामाजिक विषयों की पढ़ाई के लिए इसकी खास पहचान है। चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी के मुताबिक उन्होंने अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई इसी यूनिवर्सिटी से पूरी की। राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच उच्च शिक्षा हासिल करना भी उनके प्रोफाइल का अहम हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि उनकी एजुकेशन डिटेल्स अक्सर लोगों की दिलचस्पी का विषय बन जाती हैं।
छात्र जीवन से राजनीति में रुचि
सुभेंदु अधिकारी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और माना जाता है कि छात्र जीवन से ही उनकी राजनीति में गहरी दिलचस्पी थी। कॉलेज के दिनों से ही वह राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहे। धीरे-धीरे उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी राजनीतिक शैली को आक्रामक और जमीनी माना जाता है। यही वजह है कि वह बंगाल के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।

नंदीग्राम आंदोलन से बढ़ी पहचान
बंगाल की राजनीति में सुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे ज्यादा नंदीग्राम आंदोलन के दौरान चर्चा में आया था। इस आंदोलन ने उन्हें राज्य की राजनीति में बड़ी पहचान दिलाई। नंदीग्राम आंदोलन के बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और वह राज्य की राजनीति के बड़े चेहरों में शामिल हो गए। बाद में उन्होंने राजनीतिक दल बदला और BJP में शामिल हो गए। इसके बाद भी उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत बनी रही। 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर मिली उनकी जीत ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया। 2026 चुनाव में उनका सामना भबानिपुर सीट पर ममता बनर्जी से हुआ जहां फिर से उन्होंने दीदी को हराकर इतिहास रच दिया।
राजनीतिक परिवार से रखते हैं संबंध
सुभेंदु अधिकारी राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता सिसिर कुमार अधिकारी भी लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं और बंगाल की राजनीति में उनका बड़ा प्रभाव माना जाता रहा है। परिवार का राजनीतिक माहौल होने की वजह से सुभेंदु अधिकारी को भी शुरुआत से राजनीति को करीब से समझने का मौका मिला। यही कारण है कि उन्होंने कम समय में अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बना ली। बंगाल की राजनीति में अधिकारी परिवार का नाम काफी चर्चित माना जाता है।












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