Sushma Swaraj Death: तेलंगाना ने प्यारी ‘चिन्नम्मा’ को हमेशा के लिए खो दिया

बेंगलुरू। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत की खबर सुनकर तेलंगाना के लोग बेहद दुखी हैं। उनकी मौत की खबर सुनकर सभी ने कहा कि उन्‍होंने हमेशा के लिए अपनी 'चिन्नम्मा' को खो दिया। मालूम हो कि सुषमा स्वराज तेलंगाना में लोगों द्वारा 'चिन्नम्मा' संबोधित किये जाने पर फूली नहीं समाती थीं।

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उनकी मृत्यु पर शोक में डूबे तेलंगाना के नेता ही नहीं जनता भी उन्हें राज्य के गठन में सहयोग देने के लिए सदा याद रखेगी। तेलंगाना के लोगों ने कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को तेलंगाना की 'अम्मा' (मां) तो सुषमा स्वराज तेलंगाना की 'चिन्नम्मा' (मां की छोटी बहन) कहा। यहां के लोग वो पल याद कर रहें हैं जब सुषमा स्वराज 'चिन्नम्मा' उनके प्रमुख त्योहार बथुकम्मा में अपने सिर पर फूलों से सजा थाल रखकर शामिल होकर साथ में खुशियां मनायी थीं। बतो दें ''बथुकम्मा" तेलंगाना का राजकीय त्योहार है जिसे दुर्गाष्टमी के समय मनाया जाता है।

सुषमा स्वराज ने कहा था तेलंगाना चिन्नम्मा के योगदान को भी याद रखें

विदेश मंत्री के रूप में लोकप्रिय सुषमा स्‍वराज का तेलंगाना के लोगों के साथ एक विशेष संबंध भी था। संसद में आंध्र प्रदेश पुर्नगठन अधिनियम, 2014 के पारित होने के तुरंत बाद उन्होंने तेलंगाना के लोगों से कहा, "तेलंगाना के गठन के लिए कृपया न सिर्फअम्मा (सोनिया गांधी) के योगदान को याद रखें, बल्कि 'चिन्नम्मा' के योगदान को भी याद रखें।"

यही नहीं, लोकसभा में तत्कालीन विपक्ष की नेता के रूप में उन्होंने तेलंगाना राज्य के निर्माण के लिए विधेयक पारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब काग्रेंस के नेता आंध्र प्रदेश का बंटवारा कर तेलंगाना गठित करने को लेकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को तेलंगाना की अम्मा (मां) के रूप में पेश कर रहे थे, तो सुषमा स्वराज ने खुद को तेलंगाना की 'चिन्नम्मा' कहा। इतना ही नहीं 2017 में हैदराबाद में आयोजित ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप समिट (जीईएस) में तत्कालीन विदेश मंत्री के रूप में सुषमा स्वराज ने प्रतितिधियों के सामने खुद को तेलंगाना की 'चिन्नम्मा' के रूप में पेश किया था।

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सुषमा स्वराज और भाजपा नेताओं ने तेलंगाना आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया। इनके समर्थन ने राज्य का निर्माण सुनिश्चित किया। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के कारण, उन्होंने तेलंगाना के संकटग्रस्त कामगारों के बचाव में अहम भूमिका निभाई।

भावानात्मक संदेश देकर बचायी थी हजारों युवाओं की जान

मेदचल भाजपा छात्र संघ के नेता संजय ने कहा "सुषमा स्वराजजी के निधन हम सभी के लिए सदमा है। राज्य के गठन में सहयोग देने के लिए तेलंगाना की जनता हमेशा उन्हें याद रखेगी।"

महबूबनगर की वनजा ने कहा ''तेलंगाना राज्य के आंदोलन के समय उन्होंने युवाओं को भावानात्मक अपील कर आत्महत्या करने से रोका था और उन्हें तेलंगाना को एक वास्तिविकता में बनते देखने के लिए जीवित रहने की सलाह दी थी।''

रंगा रेडडी शहर के भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष मल्लार रेड्डी ने कहा, ''सुष्‍मा स्वराज जी ने तेलंगाना राज्य काे वास्तव में बनाने में न केवल इससे संबंधित आंदोलन को अपना समर्थन दिया, बल्कि संसद में विधेयक पारित कराना भी सुनिश्चित किया।"

बेंगलुरू निवासी निर्मला रेड्डी कहा कि "तेलंगाना की 'चिन्नम्मा' के रूप में संदर्भित, सुषमा स्वराजजी का तेलंगाना राज्य का बेधड़क समर्थन करने को कभी नहीं भुलाया जाएगा। हम सभी हमेशा उनके ऋणी रहेंगे। एक सच्ची नेता, जिन्होंने दुनिया में कहीं भी संकट में फंसे भारतीयों को विश्वास दिलाया कि मदद महज एक ट्वीट दूर है।"

यह भी पढ़ें-सुषमा स्वराज के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट, 7 लोगों ने दर्ज कराई शिकायत

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