Sushant Singh Rajput:सात महीने बाद कहां पर उलझी है बॉलीवुड ऐक्टर की मौत से जुड़ी जांच की गुत्थी ?
Sushant Singh Rajput birthday: 14 जून, 2020 को जब देश में लॉकडाउन था, बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का शव मुंबई के बांद्रा स्थित उनके घर से मिला था। तब वो 34 साल के थे। आज उनका जन्मदिन है। लेकिन, बीते सात महीनों में भी सीबीआई जैसी देश की तेज-तर्रार और आमतौर पर भरोसेमंद मानी जाने वाली केंद्रीय जांच संस्था उनकी मौत की जांच पूरी नहीं कर सकी है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने पिछले साल दिसंबर में इस केस के संबंध में सीबीआई से अपडेट की भी मांग की थी। लेकिन, सीबीआई की ओर से सिर्फ इतना ही जवाब आया कि वह अभी तक हर पहलू को देख रही है।

अभी तक क्यों पूरी नहीं हो पाई सीबीआई जांच ?
जब सुशांत सिंह राजपूत की मौत के करीब डेढ़ महीने बाद तक मुंबई पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर ना जाने किससे-किससे पूछताछ करती रही, तब राजपूत के परिवार को पुलिस जांच पर संदेह हुआ और उनके पिता केके सिंह ने 25 जुलाई को पटना पुलिस के पास सुशांत के साथ लिव-इन पार्टनर की तरह रह रहीं रिया चक्रवर्ती, उनके स्टाफ सैमुअल मिरांडा और कुछ दूसरे लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। रिया पर अभिनेता के बैंक एकाउंट से करोड़ों रुपये चट कर जाने के आरोप लगाए गए। बाद में रिया की याचिका पर ही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू की और आखिरकार इस जांच को पटना और मुंबई पुलिस दोनों से लेकर पूरी तरह से सीबीआई के हवाले कर दिया गया था।
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अत्याधुनिक वैज्ञानिक जांच की कही है बात
सीबीआई ने जब सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद इस केस को अपने हाथों में लिया था तब उसने इस केस से जुड़े कई गवाहों और चश्मदीदों से कई दिनों तक लंबी पूछताछ की थी। उसने इसमें एम्स की फोरेंसिक टीम को भी शामिल किया। लेकिन, हाल ही में एजेंसी ने सुब्रमण्यम स्वामी के खत के जवाब में कहा है कि वह इसकी तकीकात के लिए अब आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों (latest scientific techniques)का भी इस्तेमाल कर रही है। स्वामी को भेजे जवाब में सीबीआई ने लिखा है, 'जांच के दौरान,नवीनतम सॉफ्टवेयर समेत अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक उपकरणों का उपयोग डिजिटल डिवाइसेज में उपलब्ध जरूरी डेटा से निष्कर्ष निकालने और मामले से संबंधित प्रासंगिक सेल टॉवर के डंप डेटा के विश्लेषण के लिए भी किया गया है। '

कई शहरों से जुटाए गए हैं सबूत और गवाह
सीबीआई के जवाबी खत में इस बात का भी जिक्र है कि 14 जून को बांद्रा वाले घर में सुशांत सिंह राजपूत के साथ क्या हुआ था, इसके लिए उसके एक्सपर्ट कई बार उनके बांद्रा वाले घर में जाकर संभावित क्राइम सीन भी क्रिएट (simulation exercise ) कर चुके हैं। खत में कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने बार-बार मौके का दौरा किया, ताकि उनकी मौत की सही परिस्थितियों का सटीक आइडिया लग सके। एजेंसी ने कहा है, 'घटना वाली जगह पर सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (CFSL) नई दिल्ली के एक्सपर्ट भी दौरा कर चुके हैं, जिन्हें भारत में इस फिल्ड में सबसे बेहतर माना जाता है। यही नहीं जांच के लिए सीबीआई के अधिकारी सबूत जुटाने और बयान दर्ज करने के लिए अलीगढ़, फरीदाबाद, हैदराबाद, मुंबई, मानेसर और पटना तक का दौरा कर चुके हैं।

एम्स के डॉक्टर ने 'गड़बड़ी' की आशंका खारिज की है
सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट की जांच दोबारा कराने के लिए दिल्ली के एम्स के डॉक्टरों को शामिल किया गया था। लेकिन, इस जांच में लगे एम्स पैनल के हेड डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने एक टीवी चैनल में पिछले साल दावा किया था कि 'सुशांत की मौत आत्महत्या का मामला है। हत्या की बात पूरी तरह से खारिज हो गई है।' हालांकि, अभी भी सीबीआई इस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है कि सुशांत ने आत्महत्या कर ली थी या उनकी किसी साजिश के तहत हत्या की गई थी? क्योंकि, सर्वोच्च अदालत ने जांच का जिम्मा इसी एजेंसी को सौंपी है।












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