Surya Grahan 2018: लोगों को सूर्य ग्रहण के प्रकोप से बचाने के लिए सरकार ने लिया अमिताभ-धर्मेंद्र का सहारा

नई दिल्ली। साल 2018 का पहला सूर्य ग्रहण आज है। जिस वक्त ग्रहण लगेगा उस वक्त भारत में रात होगी और इस वजह से यह भारत में कहीं पर दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप भाग, दक्षिण-पश्चिम, अण्टर्कटिका तथा दक्षिणी ध्रुव के समीपवर्ती दक्षिणी प्रशान्त महासागर में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण का प्रारम्भ रात्रि 12 बजकर 25 मिनट पर होगा और इसका अंत मध्य रात्रि 02 बजकर 05 मिनट पर होगा।

सूर्य ग्रहण के प्रकोप से बचाने के लिए दिखाई गई थी ये फिल्म

लेकिन भारत के लोग इस ग्रहण को NASA की वेबसाइट पर लाइव देख सकते है, ग्रहण को लेकर भारतीय वैसे काफी सजग रहते हैं क्योंकि इसको लोग धर्म से जोड़ते हैं, वैसे सूर्यग्रहण को लोग नग्न आंखों से देखने को मना करते हैं क्योंकि इससे आंखों को नुकसान होता है।

16 फरवरी 1980 को पड़ा था सूर्यग्रहण

आज तो तकनीकी रूप से भारत काफी आगे बढ़ चुका है, आज दुकानों पर वो ग्लासेस आसानी से मिलते हैं, जिनको लगाने से आंखों पर बुरा असर नहीं पड़ता है लेकिन एक वक्त ऐसा था जब भारत में ये चीजें इतनी सुलभ नहीं थीं। बात 16 फरवरी 1980 की है, जब देश में सूर्यग्रहण पड़ा था, इसे देखने के लिए भारतवासी काफी परेशान थे लेकिन सरकार लोगों को रोकना चाहती थी जिससे उनकी आंखों को परेशानी ना हो।

अमिताभ-धर्मेंद्र की बेस्ट कॉमेडी फिल्म 'चुपके-चुपके'

उस वक्त मनोरंजन के रूप में लोगों के घरों की टीवी में केवल दूरदर्शन आता था, जिस पर गिनी-चुनी फिल्में आया करती थीं। उस वक्त सरकार ने एक अहम कदम उठाया और ग्रहण के वक्त अमिताभ-धर्मेंद्र की बेस्ट कॉमेडी फिल्म चुपके-चुपके को पूरे दिन टेलिकास्ट किया। लोगों को फिल्में कम देखने को मिलती थीं , जब डीडी पर फिल्म आई तो लोग ग्रहण को भूल गए और टीवी पर चिपक गए और इस तरह से तत्कालीन सरकार ने लोगों को ग्रहण देखने से रोका था।

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