कौन हैं सुरेखा यादव ? वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली महिला लोको पायलट
सुरेखा यादव वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने वाली पहली महिला लोको पायलट बन गई हैं। एशिया की पहली ट्रेन ड्राइवर ने सोलापुर से छत्रपति शिवाजी महाराज स्टेशनों के बीच यह स्वदेशी ट्रेन चलाई है।

वंदे भारत एक्सप्रेस को पहली बार किसी महिला लोको पायलट ने चलाया है। यह गौरव प्राप्त हुआ है सुरेखा यादव को जो 1988 से सेंट्रल रेलवे में कार्यरत हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के सोलापुर से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक की 400 किलोमीटर की यात्रा तय समय से 5 मिनट पहले पूरी की है। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 10 फरवरी को ही मुंबई में हरी झंडी दिखाई थी। यह देश की नौवीं स्वदेशी सेमी हाई स्पीड ट्रेन है। भारतीय रेलवे में सुरेखा यादव का अपना एक खुद का गौरवमयी इतिहास है और वो कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं।

वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली महिला लोको पायलट
सुरेखा यादव भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की पहली महिला लोको पायलट बनी हैं। सुरेखा यादव ने 13 मार्च 2023 यानि सोमवार को वंदे भारत एक्स्प्रेस ट्रेन का संचालन महाराष्ट्र के सोलापुर और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच किया है। सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस डॉट कॉम को बताया है कि 'सुरेखा यादव अब अपनी ड्यूटी शेड्यूल के हिसाब से नियमित रूप से वंदे भारत चलाया करेंगी।' सुरेखा को सीएसएमटी पहुंचने पर प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर भी सम्मानित किया गया।

समय से 5 मिटन पहले पूरी की यात्रा
इस मौके पर सुरेखा यादव ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का इस नीले और सफेद रंग की ट्रेन चलाने का मौका देने के लिए आभार जताया है। सोमवार को वह सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर यह ट्रेन सोलापुर स्टेशन से लेकर चलीं और दिन में 12:30 बजे समय से 5 मिनट पहले गंतव्य स्टेशन तक पहुंच गईं। सीएसएमटी पर इसके आगमन का समय 12:35 बजे है। सोलापुर से चलने के बाद यह ट्रेन रास्ते में कुर्डुवाडी, पुणे, कल्याण और दादर में रुकती हुई मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन पर पहुंची।

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रेल मंत्री ने की सुरेखा यादव की सराहना
सुरेखा यादव की इस कामयाबी की रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सराहना की है। उन्होंने ट्विटर पर उनकी तस्वीरें साझा करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'वंदे भारत - नारी शक्ति द्वारा संचालित। श्रीमती सुरेखा यादव, वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली महिला लोको पायलट।' गौरतलब है कि भारतीय रेलवे ने महिला कर्मचारियों के सशक्तिकरण के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। इसमें ऑल वुमेन क्रू से लेकर पूरी तरह से महिला कर्माचरियों द्वारा संचालित रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।

कौन हैं सुरेखा यादव ?
महाराष्ट्र की सतारा जिले से आने वालीं सुरेखा यादव एशिया की पहली महिला लोको पायलट हैं। वह 1988 में देश की पहली महिला लोको पायलट बनी थीं। उनकी उपलब्धियों के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। सुरेखा यादव जिस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को चला रही हैं, वह साढ़े 6 घंटे में 400 किलोमीटर की दूरी तय करती है।

कई तीर्थ केंद्र के पास से गुजरती है यह ट्रेन
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस- सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 फरवरी, 2023 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह देश की नौवीं सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है। यह ट्रेन अपनी यात्रा में कई महत्वपूर्ण तीर्थ केंद्रों को जोड़ती हुई गुजरती है। इनमें सोलापुर में सिद्धेश्वर, अक्कलकोट,तुलजापुर, सोलापुर के पास ही पंढरपुर और पुणे के नजदीक आलंदी शामिल हैं।












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