'धोखा हुआ मेरे साथ', सूरत के उम्मीदवार रहे नीलेश कुंभानी ने खोली कांग्रेस की पोल, बताया क्यों रद्द हुआ पर्चा
Nilesh Kumbhani News: गुजरात में सूरत लोकसभा सीट पर नामांकन खारिज होने के बाद अयोग्य करार दिए गए कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुंभानी ने अब सामने आकर पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया है। ये वही नीलेश कुंभानी हैं, जिनका पर्चा रद्द होने और दूसरे उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की वजह भाजपा के मुकेश दलाल सूरत से निर्विरोध जीते थे।
अब 20 दिनों के बाद मीडिया के सामने आकर नीलेश कुंभानी ने कहा है, 'मैंने कांग्रेस को धोखा नहीं दिया था बल्कि कांग्रेस ने मुझे घोखा दिया है।' कांग्रेस की पोल खोलते हुए नीलेश कुंभानी ने कहा, 'यह कांग्रेस ही थी जिसने 2017 में उन्हें सबसे पहले धोखा दिया था।'

नीलेश कुंभानी ने बताया क्यों इतने दिनों तक थे चुप?
नीलेश कुंभानी ने कहा कि वह गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल और पार्टी के राजकोट लोकसभा उम्मीदवार परेश धनानी के प्रति सम्मान के कारण इतने दिनों तक चुप थे।
नीलेश कुंभानी ने कहा, ''कांग्रेस नेता मुझ पर विश्वासघात का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, यह कांग्रेस ही थी जिसने 2017 के विधानसभा चुनावों में मुझे सबसे पहले धोखा दिया, जब सूरत की कामरेज विधानसभा सीट से मेरा टिकट आखिरी समय में रद्द कर दिया गया था। यह कांग्रेस थी जिसने पहली गलती की, मैंने नहीं।''
नीलेश कुंभानी ने इन लोगों को ठहराया जिम्मेदार
नीलेश कुंभानी ने कहा, जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए राज्य के कांग्रेस प्रमुख शक्ति सिंह गोहिल, परेश धनानी, आम आदमी पार्टी जिम्मेदार है।
नीलेश कुंभानी ने कहा, ''मैं ऐसा नहीं करना चाहता था लेकिन मेरे समर्थक, कार्यालय कर्मचारी और कार्यकर्ता परेशान होने लगे थे क्योंकि पार्टी को सूरत में पांच स्वयंभू नेताओं द्वारा चलाया जा रहा है और वे न तो काम करते हैं और न ही दूसरों को काम करने देते हैं। हालांकि AAP और कांग्रेस इसका हिस्सा हैं।'' नीलेश कुंभानी ने आरोप लगाया, जब मैं यहां आप नेताओं के साथ प्रचार करता था तो इंडिया गठबंधन पर इन नेताओं ने आपत्ति जताई थी।''
क्या BJP में शामिल होने जा रहे हैं नीलेश कुंभानी?
नीलेश कुंभानी ने कहा कि, मीडिया में ये अफवाह फैलाई गई थी कि मैं भाग गया हूं। या फिर भाजपा में शामिल होने जा रहा हूं। मैं कहीं नहीं गया था। मैं अपने घर पर था। मैं बीजेपी में शामिल नहीं होने जा रहा हूं। मैं अपना सोशल वर्क जारी रखूंगा।
नीलेश कुंभानी ने बताया क्यों बदला अपना फैसला?
नीलेश कुंभानी ने कहा है कि, ''लोकसभा चुनाव के प्रचार में पार्टी के नेता निष्क्रिय थे। वहीं मेरे समर्थकों को प्रचार करने से रोका जा रहा था। इसी वजह से मेरे समर्थक 2017 में जो धोखा दिया गया था, उसका बदला लेना चाहते थे। हालांकि मुझे उनकी योजना के बारे में पहले पता नहीं था।''
नीलेश कुंभानी ने कहा, ''पर्चा रद्द होने के बाद, आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलने जा रहा था लेकिन उसी दौरान पार्टी कार्यकर्ता मेरे घर पर प्रदर्शन करने लगे और मुझे अपना फैसला बदलना पड़ा।''
क्या पर्चा खारिज कराने के लिए नीलेश कुंभानी ने लिए थे पैसे?
नीलेश कुंभानी ने कहा है कि उन्होंने अपना पर्चा खारिज कराने के लिए किसी से कोई पैसे नहीं लिए हैं। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर कांग्रेस पार्टी की ओर से कई गलत आरोप लगाए गए हैं।












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