सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के कारण कोर्ट रूम में एंट्री पर लगाया प्रतिबंध, सोमवार से केवल जरूरी मामलों पर सुनवाई
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कामकाज को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के कारण कोर्ट रूम में लोगों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने कहा कि, सोमवार से केवल जरूरी मामलों पर ही सुनवाई होगी। बता दें कि सोमवार से होली की छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट खुल रहा है।

सामूहिक रूप से लोगों के एकत्र नहीं होने के बारे में केन्द्र के पांच मार्च के परामर्श का संज्ञान लेने के बाद प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुयी एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रीम कोर्ट की अधिसूचना के अनुसार, कोरोना वायरस के वैश्विक महामारी कोविड- 19 के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय का कामकाज सिर्फ अर्जेंट मामलों तक सीमित रहेगा। ऐसे मुकदमों के लिये पीठों की संख्या उतनी ही होगी जो उचित समझी जायेंगे।
अधिसूचना में कहा गया है कि शीर्ष अदालत के न्यायालय कक्षें में मुकदमों में पेश होने वाले वकीलों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी। केस की सुनवाई के दौरान केवल पैरवी करने वाले वकील की ही कोर्ट में एंट्री हो पाएगी। सुनवाई सुनने के लिए बाहरी लोग कोर्ट रूम के अंदर नहीं जा पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए अधिसूचना जारी की है।
इससे पहले ऐसी खबरें सामने आईं थी कि, कोरोनावायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग सरीखी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है ताकि अदालत कक्ष में वकीलों और याचिकाकर्ताओं की भीड़ को कम से कम रखा जा सके।












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