सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक सड़कों पर प्रदर्शन को बताया गलत, रास्ता बंद होने पर महिला ने डाली थी याचिका

नई दिल्ली: पिछले चार महीनों से किसानों का आंदोलन दिल्ली से लगती सीमाओं पर जारी है। किसानों ने साफ कर दिया है कि अगर सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तो उनका आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा। वहीं आंदोलन की वजह से जगह-जगह पर सड़कें जाम हैं, जिसका मामला शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले में बहुत ही तल्ख टिप्पणी की है।

किसान

जानकारी के मुताबिक नोएडा की एक महिला ने सर्वोच्च अदालत के प्रकाश में ये मामला लाया है। महिला के मुताबिक नोएडा से दिल्ली आने वाले रास्तों पर प्रदर्शन ना हों, जिससे लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। साथ ही उन्होंने कोर्ट से प्रदर्शनकारियों को हटाने की भी मांग की। पूरे मामले को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध करना गलत है। सभी सड़कों पर सुचारू रूप से यातायात जारी रहना चाहिए।

केएमपी एक्सप्रेस-वे जाम करने की तैयारी
वहीं सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए किसान संगठनों ने केएमपी एक्सप्रेस-वे जाम करने की तैयारी कर ली है। किसान नेताओं के मुताबिक 10 अप्रैल को सुबह 11 बजे से अगले 24 घंटे तक केएमपी को बंद रखा जाएगा। किसानों की योजना एक्सप्रेस-वे के एंट्री प्वाइंट्स पर जाम लगाने की है, ताकी कोई वाहन उस पर चढ़ ही ना पाएं। इसके लिए जगह-जगह पर पंचायत कर लोगों से समर्थन मांगा जा रहा है। हालांकि किसान संगठनों ने साफ किया है कि ये आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्वक किया जाएगा।

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