Keralam Shigella के कहर से 4 की मौत, 7 साल के बच्चे ने गंवाई जान, कितनी खतरनाक है यह बीमारी, क्या हैं लक्षण?
Keralam Shigella Outbreak: केरलम में शिगेला संक्रमण (Shigella Infection) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में शिगेला से एक और मौत की पुष्टि हुई है। मलप्पुरम जिले के पूक्कोट्टूर निवासी 7 वर्षीय बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
बच्चे का इलाज कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा था। इस मौत के साथ ही वर्ष 2026 में शिगेला संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक शिगेला संक्रमण के 135 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज कोझिकोड जिले में दर्ज किए गए हैं। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है, जिसके बाद संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
क्या होता है 'शिगेला' और कैसे फैलता है?
शिगेला एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के जरिए फैलता है। यह आंतों को प्रभावित करता है और गंभीर दस्त, पेट दर्द, बुखार तथा उल्टी जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में इसका खतरा अधिक माना जाता है।
मुख्य लक्षण:
- गंभीर दस्त (Diarrhea) होना
- स्टूल के साथ खून आना (Dysentery)
- पेट में तेज मरोड़ और दर्द होना
- लगातार तेज बुखार और उल्टी आना
- शरीर में पानी की भारी कमी (Dehydration) हो जाना
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और कुछ मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकता है।
राज्य सरकार ने बढ़ाई निगरानी
बढ़ते मामलों को देखते हुए केरल स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय निकायों के साथ मिलकर संक्रमण रोकने के प्रयास तेज कर दिए हैं। बीमारी को फैलने से रोकने के लिए राज्य भर में जल स्रोतों, कुओं और सार्वजनिक पानी की टंकियों में क्लोरीनीकरण के काम को तेज कर दिया गया है।
Food Safety Department ने होटलों, जूस की दुकानों और बेकरियों पर छापेमारी शुरू कर दी है। हाल ही में मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में कुछ दुकानों के पानी के सैंपल में शिगेला बैक्टीरिया मिलने के बाद उन्हें तुरंत बंद करा दिया गया है। स्वास्थ्य कर्मियों ने जनता से केवल उबला हुआ पानी पीने, ताजा भोजन करने और बार-बार साबुन से हाथ धोने (Hand Hygiene) की अपील की है।
कोझिकोड बना हॉटस्पॉट
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सबसे ज्यादा शिगेला संक्रमण के मामले कोझिकोड जिले में दर्ज किए गए हैं। इसी वजह से यहां स्वास्थ्य निगरानी और जांच अभियान को और तेज किया गया है। अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी संदिग्ध मरीज की तुरंत पहचान और उपचार किया जा सके।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि नियमित रूप से हाथ धोना, साफ पानी का उपयोग करना और खाद्य पदार्थों की स्वच्छता सुनिश्चित करना संक्रमण से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।














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