सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे ट्रैक के आसपास बसीं 48 हजार झुग्गी बस्तियों को हटाने के आदेश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन झुग्गी बस्तियों को हटाने का काम तीन महीने के अंदर पूरा हो जाना चाहिए।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़े फैसले के तहत दिल्ली में रेलवे ट्रैक के आसपास बसी करीब 48 हजार झुग्गी बस्तियों को हटाने के आदेश दिए हैं। ये झुग्गी-बस्तियां लगभग 140 किमी रेलवे ट्रैक के दायरे में फैली हुई हैं। 'लाइव लॉ' वेबसाइट की खबर के मुताबिक, जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने आदेश देते हुए कहा कि इन झुग्गी बस्तियों को हटाने का काम तीन महीने के अंदर पूरा हो जाना चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट यह भी निर्देश दिया कि कोई भी अदालत इस मामले में स्टे ना दे।
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सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दिल्ली और आसपास के प्रदूषण को लेकर एमसी मेहता के केस से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 1995 से समय-समय पर निर्देश जारी करता रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, 'सेफ्टी जोन के अंदर जो भी अतिक्रमण है, उसे तीन महीने के अंदर हटा दिया जाना चाहिए और इस मामले में कोई भी हस्तक्षेप, राजनीतिक या किसी भी तरह का, नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही कोई भी अदालत इस अतिक्रमण को हटाने में कोई स्टे नहीं देगी।'
भारतीय रेलवे के हलफनामे पर दिया कोर्ट ने निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश, भारतीय रेलवे के उस हलफनामे पर दिया, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में करीब 140 किलीमीटर लंबे रेलवे ट्रैक के दायर में बड़ी संख्या में झुग्गी-बस्तियां बसी हुई हैं। अपने हलफनामे में भारतीय रेलवे ने कहा कि इसमें लगभग 70 किलोमीटर रेलवे ट्रैक इन झुग्गियों से व्यापक तौर पर प्रभावित है, क्योंकि ये ट्रैक के आसपास एक क्लस्टर की तरह बसी हुई हैं। इन झुग्गी बस्तियों की संख्या तकरीबन 48 हजार है। रेलवे ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि इन झुग्गियों को हटाने में राजनीतिक हस्तक्षेप एक बड़ी रुकावट है।












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