'मेरे पिता और भाई कांग्रेस में हैं क्या मैं सुनवाई करूं...', SC में राहुल गांधी की याचिका सुन रहे जस्टिस गवई
मोदी सरनेम मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस बीआर गवई और प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी और गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है।
इसी बीच इस मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस बीआर गवई ने खुद को केस से अलग करने की पेशकश की है। न्यायमूर्ति बीआर गवई ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के साथ अपने परिवार के संबंधों का खुलासा करते हुए कहा कि उनके पिता कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे और उनके भाई अभी भी पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं।

न्यायाधीश ने राहुल गांधी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इसका खुलासा किया। राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए मनु सिंघवी से जस्टिस गवई ने कहा कि, मेरे पिता कांग्रेस से जुड़े हुए थे। हालांकि मैं कांग्रेस का सदस्य नहीं था, लेकिन मेरे नजदीकी इससे जुड़े हुए थे।
जस्टिस गवई ने आगे पूछा कि, सिंघवी जी आप भी कांग्रेस के साथ 40 सालों से ज्यादा समय से हैं और मेरे भाई अब भी राजनीति में हैं और कांग्रेस में हैं। कृपया आप लोग फैसला लें कि मुझे इस सुनवाई में शामिल करना चाहते हैं या नहीं।' हालाँकि, दोनों पक्षों ने कहा कि उन्हें न्यायमूर्ति गवई द्वारा मामले की सुनवाई करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने प्रतिवादी पूर्णेश ईश्वरभाई मोदी और गुजरात राज्य को नोटिस जारी किया और मामले को आगे के विचार के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की है।
राहुल गांधी की ओऱ से कहा गया कि, 'याचिकाकर्ता 111 दिनों से भुगत रहे हैं। वह पहले संसद का एक सत्र गंवा चुके हैं और एक और गंवा रहे हैं। वायनाड संसदीय क्षेत्र के लिए चुनाव जल्द होंगे। जेठमलानी जी अयोग्यता को लेकर चिंतित नहीं होंगे। अयोग्यता को अंतरिम रूप से निलंबित किया जा सकता है।
बता दें कि, राहुल गांधी ने 2019 में मोदी सरनेम को लेकर एक बयान दिया था। इसके खिलाफ भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में सूरत कोर्ट ने राहुल को 2 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी सांसदी चली गई थी। सजा के खिलाफ राहुल सूरत सेशन कोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट भी गए थे, लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली।












Click it and Unblock the Notifications